February 24, 2026 10:45 pm
ब्रेकिंग
वनांचल क्षेत्रो के विकास को नई रफ्तार सभी वर्ग व क्षेत्रो का समावेश- विधायक गोमती साय Dog Bite Death: आवारा कुत्ते के काटने से डरे बैंक कर्मचारी ने किया सुसाइड, छोड़ा सुसाइड नोट Amit Shah Bihar Visit: सीमांचल में डीएम-एसपी की अहम बैठक करेंगे अमित शाह, जानें पूरा एजेंडा विवादों में लव स्टोरी: 60 साल के प्रिंसिपल संग भागकर रचाई शादी, 3 दिन बाद ही मां बन गई शाइस्ता! Crime News: पति की हत्या कर ब्लीचिंग पाउडर और नमक से ड्रम में शव गला रही थी पत्नी Jharkhand News: एयर एंबुलेंस क्रैश में जान गंवाने वाला मरीज संजय कौन था? जानें पूरी कहानी Weather Update: दिल्ली-NCR में बढ़ा तापमान, यूपी-बिहार समेत 10 राज्यों में गर्मी का अलर्ट Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग...
मध्यप्रदेश

Chhattisgarh Politics: धान खरीदी पर रार! भूपेश बघेल ने CM विष्णुदेव साय को घेरा, दागे तीखे सवाल; पूछा- ‘किसानों से वादाखिलाफी क्यों?

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर ‘धान’ के मुद्दे पर घमासान शुरू हो गया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक कड़ा पत्र लिखा है. बघेल ने आरोप लगाया है कि प्रदेश का किसान आज अनिश्चितता और आर्थिक दबाव के दौर से गुजर रहा है. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी की समय-सीमा खत्म होने के बाद, बघेल ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए 9 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है.

धान खरीदी लक्ष्य और हकीकत पर सवाल

भूपेश बघेल ने पूछा है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने धान खरीदी का कुल लक्ष्य कितना तय किया था और उसके मुकाबले अब तक कितनी खरीदी हो पाई है. उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि लक्ष्य के प्रतिशत की वास्तविक स्थिति क्या है.

Bhupesh Baghel Letter

टोकन कटे, फिर भी धान नहीं बिका

पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में उन किसानों की संख्या पूछी है जिनका पंजीयन और टोकन कटने के बावजूद धान नहीं खरीदा जा सका. उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों और समय-सीमा समाप्त होने के चलते कई किसान आज भी परेशान हैं.

Bhupesh Baghel Letter To CM Sai

एग्रीटेक पोर्टल बना किसानों की मुसीबत

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि एग्रीटेक पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण हजारों किसानों का रकबा शून्य या कम दर्शाया गया, जिससे वे धान बेचने से वंचित रह गए. उन्होंने पूछा कि ऐसे किसानों को हुए आर्थिक नुकसान का आकलन और भरपाई कैसे की जाएगी.

कर्ज में डूबे किसान, बैंक वसूली का डर

पत्र में यह भी सवाल उठाया गया है कि जिन किसानों का धान नहीं खरीदा गया, क्या उन्हें बैंक ऋण वसूली से राहत दी गई है?भूपेश बघेल ने पूछा कि ऐसे कितने किसान हैं जो कर्ज अदायगी के लिए चिंतित हैं और यदि धान नहीं बिका तो वे किस्त कैसे चुकाएंगे?

खरीदी अवधि बढ़ाने की मांग

धान खरीदी की समय-सीमा समाप्त होने पर बघेल ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों का टोकन कट चुका है लेकिन धान नहीं बिका, उनके लिए खरीदी अवधि बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जाए.

भुगतान में देरी पर भी सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा है कि अब तक खरीदे गए धान के बदले कितने किसानों को भुगतान मिल चुका है और कितनी राशि अब भी लंबित है.

“सरकार का प्राथमिक कर्तव्य, किसानों का सम्मान”

भूपेश बघेल ने पत्र में लिखा है कि अन्नदाता की फसल का उचित मूल्य और उसके स्वाभिमान की रक्षा करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है. प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण यदि किसान को आर्थिक नुकसान हुआ, तो यह गंभीर चिंता का विषय है.धान खरीदी को लेकर उठे इन सवालों ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार इन सवालों पर क्या जवाब देती है और किसानों को राहत देने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं.

Related Articles

Back to top button