February 23, 2026 8:21 pm
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
दिल्ली/NCR

Delhi Zoo Animal Adoption: अब आप भी गोद ले सकते हैं बाघ और हिरण, दिल्ली चिड़ियाघर ने जारी की जानवरों की ‘रेट लिस्ट’

अगर आपको जंगली जानवरों से लगाव या प्यार है और उन्हें पालने की चाहत रखते हैं, तो आपका यह अरमान जल्दी ही पूरा हो सकता है. दिल्ली का चिड़ियाघर एक हद तक इसमें आपकी मदद कर सकता है. दरअसल, चिड़ियाघर मार्च से आम लोगों के लिए जानवरों को गोद लेने की सुविधा शुरू करने जा रहा है.

जानकारी के मुताबिक नेशनल जूलॉजिकल पार्क लोगों को उनके जन्मदिन, शादी की सालगिरह और दूसरे खास मौकों पर एक दिन के लिए जानवर गोद लेने की सुविधा देगा.

अब आपके मन में सवाल होगा कि कैसे और क्या इसके लिए किसी तरह का भुगतान भी करना होगा? तो इसका जवाब है- जी हां, इसके लिए आपको एक तय राशि का भुगतान करना होगा, जो जानवर के आकार और आहार के मुताबिक तय की गई है. जानकारी के मुताबिक हिरण जैसे छोटे जानवर के लिए यह रकम 500 रुपये और बाघ जैसे बड़े जानवर के लिए 50 हजार रुपये तक तय की गई है.

प्रस्ताव को इस महीने मंजूरी

चिड़ियाघर से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक कम समय के लिए जानवरों को गोद लेने के प्रस्ताव को इस महीने के आखिर तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है और इसे मार्च में लागू कर दिया जाएगा. एक दिन के लिए गोद लेने की कीमत हर जानवर की सालाना गोद लेने की दर के आधार पर तय की गई है.

मसलन, अगर किसी जानवर का सालाना गोद लेने का चार्ज 50 हजार है, तो उसे एक दिन के लिए अडॉप्ट करने का शुल्क तकरीबन 500 रुपये होगा.

किस जानवर के लिए कितना खर्च?

जानकारी के मुताबिक एक चित्तीदार हिरण, जिसकी सालाना गोद लेने की लागत 18,000 रुपये है, उसे एक दिन के लिए 500 रुपये में गोद लिया जा सकता है. एक स्लॉथ बेयर, जिसकी सालाना गोद लेने की कीमत 45,000 रुपये है, उसे भी 500 रुपये में पूरे दिन के लिए गोद लिया जा सकेगा. एक बाघ के लिए सालाना गोद लेने की कीमत 6 लाख रुपये है और उसके एक दिन के गोद लेने की कीमत लगभग 50,000 रुपये होगी.

चिड़ियाघर इस स्कीम को और आसान बनाने के लिए शॉर्ट-टर्म और ऑनलाइन गोद लेने के विकल्प ला रहा है, खासकर उन लोगों के लिए जो पूरे एक साल के लिए किसी जानवर को गोद लेने का वादा नहीं कर सकते.

क्या होगा फायदा?

उम्मीद जताई जा रही है कि इस पहल से ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन के साथ लोगों की भागीदारी मजबूत होगी. चिड़ियाघर में विजिटर की संख्या बढ़ाने और ज्यादा राजस्व कमाने में भी मदद मिलेगी.

इस स्कीम के तहत गोद लेने वाले चिड़ियाघर द्वारा तय किए गए खर्च उठाएंगे, जिसका इस्तेमाल जानवर के खाने और रोजाना की देखभाल के लिए किया जाएगा. इतना ही नहीं, चुने गए पैकेज के आधार पर गोद लेने वालों को यादगार के तौर पर सर्टिफिकेट और तस्वीरें भी मिलेंगी.

लगेगी डिजिटल स्क्रीन

स्कीम को लोगों तक पहुंचाने के लिए चिड़ियाघर के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक डिजिटल स्क्रीन लगाने की भी योजना बनाई जा रही है, जिसमें गोद लेने के विकल्प और सुविधा में रखे गए जानवरों के बारे में जानकारी दिखाई जाएगी.

आपको बता दें कि 2022 में शुरू किए गए एनिमल एडॉप्शन प्रोग्राम का मकसद एनिमल कंजर्वेशन को बढ़ावा देना और वाइल्डलाइफ के साथ लोगों का जुड़ाव मजबूत करना था. हालांकि, अभी चिड़ियाघर एक या दो साल के लिए गोद लेने की इजाजत देता है, जिसमें ज्यादातर गोद लेने वाले कॉरपोरेशन होते थे.

मौजूदा गोद लेने की प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल थी, जिसके चलते भागीदारी में गिरावट देखी गई. अब तक सिर्फ चार कंपनियां ही आगे आई हैं. इसलिए ज्यादा लोगों को आकर्षित करने के लिए प्रक्रिया को और आसान बनाने की कोशिशें की जा रही हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके.

Related Articles

Back to top button