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CGPSC Exam 2026: पीएससी प्रीलिम्स की ‘अग्निपरीक्षा’ संपन्न, जानें क्या रही पेपर की डिफिकल्टी लेवल और संभावित कट-ऑफ ट्रेंड्स

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सड़कों पर आज गहमागहमी रही. अवसर था सीजीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा का. दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों के चेहरे पर कहीं मुस्कान थी, तो कहीं थोड़ी उलझन. सुबह 10 से 12 और फिर दोपहर 3 से 5 बजे तक चले इस एग्जाम में जब पहली पाली के बाद उम्मीदवार बाहर निकले, तो ईटीवी भारत ने उनसे खास बातचीत की. क्या रहा पेपर का मिजाज? क्या बजट ने बिगाड़ा खेल या ‘जनौला’ ने दी राहत? आइए जानते हैं सीधे परीक्षार्थियों की जुबानी.

नेशनल GS बनाम छत्तीसगढ़ GS

प्रश्न पत्र के विषयों पर बात करते हुए एक परीक्षार्थी ने बताया कि इस बार नेशनल जनरल स्टडीज (GS) का हिस्सा तुलनात्मक रूप से सरल था, लेकिन छत्तीसगढ़ जीएस ने उम्मीदवारों को थोड़ा परेशान किया. छत्तीसगढ़ के सामान्य ज्ञान के प्रश्न गहराई से पूछे गए थे, जो कि थोड़े कठिन महसूस हुए. वहीं, करंट अफेयर्स को लेकर छात्रों की राय अलग-अलग नजर आई. किसी को करंट के सवाल कम लगे तो किसी ने कहा कि पेपर पूरी तरह समसामयिक घटनाओं से प्रभावित था. विशेष रूप से क्रेडा (CREDA) और शासन की कई योजनाओं से जुड़े सवाल भी पूछे गए थे, जो तैयारी करने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण रहे.

लोक संस्कृति, जनौला और छत्तीसगढ़ी शब्दावली का दबदबा

परीक्षा में राज्य की माटी और संस्कृति की झलक साफ तौर पर देखने को मिली. परीक्षार्थियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ी ‘जनौला’ (पहेलियां) और जनजातियों पर आधारित सवाल काफी रोचक थे. इसके अलावा लोकनाट्य और लोकनृत्य से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए थे, हालांकि कुछ छात्रों ने इन्हें थोड़ा कठिन बताया. एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े सवाल पूछे गए, जैसे ‘बिहाई’ को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है. यह स्पष्ट था कि आयोग उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रहा है जिन्हें राज्य की लोक परंपराओं और भाषा की गहरी समझ है.

बजट और आर्थिक सर्वेक्षण से आए सटीक सवाल

आर्थिक मोर्चे पर इस बार बजट से संबंधित प्रश्नों ने छात्रों का काफी ध्यान खींचा. कई परीक्षार्थियों ने बताया कि बजट को लेकर 2-4 महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए थे. जिन उम्मीदवारों की पकड़ इकोनॉमिक्स और करंट अफेयर्स पर मजबूत रही है, उनके लिए यह हिस्सा काफी फायदेमंद साबित हुआ. अनुभवी परीक्षार्थियों, जो पिछले 3-4 वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, का मानना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार का पेपर काफी बेहतर और व्यवस्थित था.

मेहनत और निरंतरता ही सफलता की कुंजी

कुल मिलाकर, पहली पाली की परीक्षा के बाद छात्रों का उत्साह बना हुआ है. अनुभवी उम्मीदवारों का कहना है कि यह पेपर उन लोगों के लिए बेहतरीन रहा है जिन्होंने करंट अफेयर्स और छत्तीसगढ़ के आर्थिक आंकड़ों का गहन अध्ययन किया है. हालांकि जीएस के कुछ हिस्सों ने थोड़ा उलझाया, लेकिन एवरेज पेपर होने के कारण कॉम्पिटिशन कड़ा होने की उम्मीद है. अब सभी की नजरें दूसरी पाली के बाद आने वाले रुझानों और अंतिम परिणाम पर टिकी हुई हैं.

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