ईरान जंग में ट्रंप की बड़ी हार! पुतिन के सामने झुकने पर मजबूर हुआ अमेरिका; रूस को दी ऐसी राहत कि पूरी दुनिया रह गई हैरान

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज यानी शुक्रवार को 14वां दिन है. अमेरिका जंग के पहले दिन से ही अपनी जीत को लेकर कई तरह के दावे कर रहा है. सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद दावा किया गया था कि अब ईरान के पास सरेंडर करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है. हालांकि अमेरिका भले ही ईरान के कमजोर होने का दावा कर रहा हो, लेकिन ऐसा लगता है कि वो अपने ही खेल में फंसता जा रहा है. यही वजह है कि जंग के 14 दिन बाद अमेरिका की हार का एक बड़ा सबूत पूरी दुनिया के सामने है.
ईरान के साथ जंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हार का सबूत आज पूरी दुनिया ने देख लिया है. जो ट्रंप कल तक दुनिया को रूस तेल खरीदने पर अंजाम भुगतने की धमकियां दिया करते थे. आज वही रूस से तेल खरीदने की मंजूरी देते फिर रहे हैं.
ईरान जंग के कारण ट्रंप इस दबाव में आ गए कि उन्हें रूस पर लगे पाबंदियों को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. भले ही वे दुनिया से कह रहे हों कि उन्होंने ईरान को हरा दिया है. लेकिन इस जंग न सिर्फ अमेरिका की कमर तोड़ दी है. बल्कि पूरी दुनिया में तेल का संकट पैदा कर दिया है. 4 सालों में पहली कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी हैं.
कच्चे तेल की कीमतें छू रहीं आसमान
अमेरिका-इजराइल -ईरान में चल रही जंग की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर के पार चली गई हैं. अगर इसे समय रहते काबू नहीं किया गया तो यह पूरी दुनिया के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है. ट्रंप के पास भले ही जंग को खत्म करने को लेकर कोई जवाब नहीं है. लेकिन उन्होंने बिना शोर किए समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की अस्थाई मंजूरी दे दी है.
कई लोगों का मानना है कि ट्रंप ने यह मंजूरी मजबूरी में दी है. क्योंकि उनके पास अब कोई दूसरा विकल्प नहीं है. अमेरिका ने ये भी साफ किया है कि यह खरीदी सिर्फ समुद्र में फंसे जहाजों से तेल खरीदने के लिए दी गई है.
भले ही अमेरिकी ट्रेजटी विभाग ने कहा कि एक शॉर्ट-टर्म फैसला है और इससे रूस को कोई बहुत बड़ा आर्थिक फायदा नहीं होगा. लेकिन दुनिया की नजर ट्रंप के फैसले को अलग ही तरीके से देख रही हैं.
ईरान जंग से पुतिन को दूर रखने के लिए ट्रंप ने दी रिश्वत ?
ईरान जंग में दुनियाभर के कई देश अमेरिका के साथ हैं. जबकि व्लादिमीर पुतिन ने इसे खत्म करने की बात कही थी. उन्होंने इसको लेकर ईरान के नेताओं से बातचीत की थी. अमेरिका ने रूस से तेल खरीदी को मंजूरी दे दी है. इसके ये भी मायने निकालने जा रहे है कि ट्रंप हर हालत में पुतिन को जंग से दूर रखना चाहते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अगर इस जंग में रूस की एंट्री होती है तो अमेरिका समेत कई देशों को मुसीबत आ सकती है. यही वजह है कि ट्रंप ने पुतिन को तेल की रिश्वत दी है.
कहा ये भी जा रहा है कि यूक्रेन के बदले ईरान का अमेरिका ने किया रूस से सौदा किया है. इसके तहत ही सब कुछ हो रहा है. बहरहाल ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में दुनियाभर को क्या देखने को मिलता है. ट्रंंप अब अपने किस फैसले से दुनिया को चौंकाएंगे.





