March 13, 2026 10:40 pm
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छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Assembly: अलसी बीज वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप, विधायक उमेश पटेल ने सदन में उठाई जांच की मांग; जानें क्या है पूरा विवाद

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में रायगढ़ जिले में अलसी बीज वितरण से जुड़ा कथित भ्रष्टाचार का मामला जोरदार तरीके से उठा. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने सदन में बीज खरीद और वितरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए और सरकार से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

क्या है मामला?

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उमेश पटेल ने कहा कि रायगढ़ जिले में किसानों को वितरित किए गए अलसी बीज की खरीद में नियमों का पालन नहीं किया गया. उनके अनुसार बीज निगम ने पारदर्शिता बरतने के बजाय अपने पसंदीदा ठेकेदार से बीज खरीदे, जिससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका पैदा होती है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजों की गुणवत्ता जांचने और ग्रेडिंग करने के लिए आवश्यक बुनियादी व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं थी. यहां तक कि बीज की ग्रेडिंग के लिए जरूरी छननी जैसी साधारण व्यवस्था भी नहीं थी.

मुआवजे और कार्रवाई की मांग

कांग्रेस विधायक ने बताया कि सरकार द्वारा वितरित बीज से हुई खेती में लगभग 158 हेक्टेयर क्षेत्र का उत्पादन रिजेक्ट कर दिया गया, जिससे करीब 85 प्रतिशत किसानों का रकबा प्रभावित हुआ. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है. उमेश पटेल ने सरकार से सवाल किया कि क्या इस मामले में बीज निगम के प्रबंध निदेशक और बीज प्रमाणीकरण अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने किसानों को मुआवजा देने की भी मांग की.

जब सरकार खुद मान रही है कि गलती हुई है, तो प्रभावित किसानों को कम से कम 8500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मुआवजा दिया जाना चाहिए.- उमेश पटेल, विधायक

कृषि मंत्री का जवाब

मामले पर जवाब देते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पूरे मामले की जांच सक्षम अधिकारी से कराई जाएगी. जांच में जो भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.- कृषि मंत्री, रामविचार नेताम

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. इसलिए यदि बीज खरीद या वितरण प्रक्रिया में कहीं भी अनियमितता सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित किया जाएगा. विधानसभा में उठे इस मुद्दे के बाद अब पूरे मामले की जांच और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.

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