Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
ट्रेनी आईपीएस उदय कृष्ण रेड्डी निलंबन व गिरफ्तारी के बाद चर्चा में आया पुलिस अकादमी, यौन उत्पीड़न का... FSSAI का शराब कंपनियों पर बड़ा चाबुक, एंटीक्विटी, रॉयल चैलेंज और ओल्ड मोंक के चुनिंदा वेरिएंट्स पर ब... दतिया उपचुनाव परिणाम: 6016 वोटों की बढ़त से जीते कांग्रेस के घनश्याम सिंह, जानें दतिया राजघराने के म... 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा: दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर की बर्बरता, स... सिद्धिविनायक मंदिर में ₹18 करोड़ की चोरी का खुलासा: 46 कर्मचारी निलंबित, 9 गिरफ्तार; सदा सरवनकर ने U... आरएसएस (RSS) सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में Gen Z और Gen Alpha के छात्रों से करेंगे स... दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन: रोहिणी के प्राइवेट स्कूल को 'टेकओवर' का नोटिस, ₹15.60 करोड़ की वित्तीय ध... मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना: रहने-खाने से लेकर ट्रेन व फ्लाइट तक की सुविधा मुफ्त, जानें कैसे करें ऑनलाइ... सावन 2026 के पहले सोमवार पर पूरे देश में भक्ति का माहौल, इन 5 प्रसिद्ध धामों में उमड़ा श्रद्धालुओं क... जंतर-मंतर पर अपराधियों की एंट्री पर भड़के अभिजीत दीपके: दिल्ली पुलिस के दावों पर उठाए सवाल, दी आंदोल...

अमेरिका के ‘शांति प्लान’ पर ईरान का पानी! अब मुज्तबा के इशारों पर होगा युद्धविराम; बाइडेन की कोशिशें फेल, मिडिल ईस्ट में फिर तनाव

ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर प्लान पर पानी फेर दिया है. दरअसल, ट्रंप प्रशासन ईरान संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबफ के जरिए ईरान में अपना हित साधने की कोशिश कर रहा था. इसके लिए ट्रंप प्रशासन ने एक प्लान तैयार किया था. इस प्लान के मुताबिक ईरान से गालिबफ को आगे कर सीजफायर किया जाएगा. ट्रंप प्रशासन इसके लिए गालिबफ से संपर्क भी साध रहा था. पॉलिटिको के मुताबिक अमेरिका की कोशिश गालिबफ के नाम को को ईरान के सर्वोच्च नेता के तौर पर प्रोजेक्ट करने की भी थी. ट्रंप प्रशासन को लग रहा है कि गालिबफ अब एक मात्र मजबूत नेता हैं, जिनकी पकड़ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में मजबूत है.

खुद ट्रंप गालिबफ को साधने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को उनसे बात करने के लिए भेजने को तैयार बताए जा रहे हैं, लेकिन इससे पहले ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा ने गेम कर दिया.

बाकेर जोलकद्र को बनाया नया NSA

फारस न्यूज के मुताबिक बाकेर जोलकद्र को ईरान सर्वोच्च परिषद का नया सचिव नियुक्त किया गया है. सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की सिफारिश पर ईरान के राष्ट्रपति ने जोलकद्र को नियुक्त किया है. जोलकद्र इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के जनरल रह चुके हैं. जोलकद्र ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अली खामेनेई के करीबी माने जाते रहे हैं.

1989 में खामेनेई जब पहली बार ईरान के सुप्रीम लीडर नियुक्त हुए थे, तो उस वक्त उन्होंने जोलकद्र को IRGC में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का पद दिया था. वर्तमान में नीतिगत मामलों में बाकेर सरकार और सुप्रीम लीडर को सलाह दे रहे थे. जोलकद्र को ईरान सुप्रीम लीडर के परिवार का भरोसेमंद माना जाता है.

सवाल- यह नियुक्ति अहम क्यों है?

1. मुज्तबा खामेनेई ने बाकेर की नियुक्ति से एक संदेश देने की कोशिश की है. संदेश यह कि ईरान का पूरा सिस्टम एक्टिव है. यहां कोई व्यक्ति विशेष नहीं है. कोई भी फैसला एक सिस्टम के जरिए होगा. मुज्तबा इस सिस्टम को लीड कर रहे हैं. भले ईरान के कितने भी टॉप लीडर चले जाए.

2. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा- मुझे नहीं पता कि सुप्रीम लीडर समझौते को लेकर क्या चाहते हैं? सुप्रीम लीडर का संदेश आ जाए, तो फिर चीजें स्पष्ट हो पाएगी. खामेनेई ने बीते दिनों युद्ध विराम को लेकर बयान जारी किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका को इसके लिए पहले माफी मांगनी पड़ेगी.

अमेरिका का सीजफायर प्लान है?

एक्सियोस के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने यह तय किया है कि ईरान में जो सबसे पावरफुल नेता हैं, उसे कन्फिडेंस में लिया जाए. इसके लिए ट्रंप प्रशासन ने गालिबफ का नाम तय किया है. गालिबफ से सीधे अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बात करेंगे. हालांकि, अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि गालिबफ से कब बात की जाएगी?

Politico ने व्हाइट हाउस के सूत्रों के हवाले से बताया है कि ट्रंप प्रशासन गालिबफ को ही ईरान के सर्वोच्च नेता के तौर पर देख रहे हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.