बस्तर में नक्सलियों का ‘क्लाइमेक्स’! 25 लाख का इनामी कमांडर पापाराव 17 लड़ाकों संग आज करेगा सरेंडर; क्या खत्म हो गया लाल आतंक?

जगदलपुर। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगलों से मंगलवार को निकल कर आ रही तस्वीर बस्तर के इतिहास का रुख बदलने वाली सिद्ध हो रही है। पश्चिम बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) का प्रभावशाली सदस्य 25 लाख रुपये का इनामी शीर्ष माओवादी कमांडर पापाराव अब आत्मसमर्पण के लिए बाहर आ चुका है।
उसके साथ डीकेएसजेडसी सदस्य डिविजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम) प्रकाश माड़वी, डीवीसीएम अनिल ताती सहित 17 माओवादी भी हथियारों सहित समर्पण की राह पर हैं। इनमें सात महिला सदस्य भी शामिल हैं।
35 वर्षों का सफर और नेतृत्व का अंत
सुकमा जिले के नीलामड़गू गांव का रहने वाला पापाराव पिछले 35 वर्षों से माओवादी संगठन में सक्रिय रहा है। प्रदेश में शीर्ष नेतृत्व के लगातार खत्म होने के बाद वह इकलौता डीकेएसजेडसी स्तर का माओवादी बचा था। उसके समर्पण के साथ ही छत्तीसगढ़ में सशस्त्र माओवाद के नेतृत्व का अंत लगभग तय माना जा रहा है। मंगलवार सुबह बस्तर के यूट्यूबर पत्रकार रानू तिवारी के साथ इंद्रावती क्षेत्र से पापाराव और अन्य माओवादियों की पहली तस्वीर सामने आई।





