रामगढ़ में ‘लाल आतंक’ के बाद ‘कोयला माफिया’ पर सर्जिकल स्ट्राइक! बारूद से उड़ाए अवैध खदानों के मुहाने; तस्करों में भगदड़

रामगढ़: जिले में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई कर इतिहास रच दिया है. यह ऑपरेशन न सिर्फ एक कार्रवाई, बल्कि माफिया तंत्र के खिलाफ सीधा युद्ध साबित हुआ है. पुलिस अधीक्षक अजय कुमार और जिला खनन पदाधिकारी, रामगढ़ के नेतृत्व में चलाए गए इस मेगा अभियान में जिला प्रशासन, वन विभाग और CCL की संयुक्त टीम ने मिलकर अवैध खनन के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का काम किया.
शीर्ष नेतृत्व से मिले कार्रवाई के निर्देश
जानकारी के अनुसार, केदला नंबर-06 स्थित झारखंड ओसीपी क्षेत्र में लंबे समय से रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और तस्करी चल रही थी. वेस्ट बोकारो थाना प्रभारी दीपक कुमार को अवैध खनन की सूचना मिली थी, जिसके बाद इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दिया और फिर यह बड़ी कारवाई की गई है.
1250 किलोग्राम विस्फोटक से ब्लास्ट
जिला स्तरीय खनन टास्कफोर्स की बैठक में उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज द्वारा दिए गए कड़े निर्देशों के अनुपालन में, जिला प्रशासन ने अवैध खनन के मुख्य मुहाने को स्थायी रूप से बंद करने के लिए पहले 25 ड्रिल होल किए गए, फिर करीब 1250 किलोग्राम विस्फोटक भरकर जोरदार ब्लास्ट किया गया.
धमाके के बाद खनन का ध्वस्त
सुरक्षा के कड़े मानकों के बीच इस ऑपरेशन का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम रहा ‘कंट्रोल ब्लास्टिंग’. धमाका इतना जोरदार था कि पूरा इलाका गूंज उठा और वर्षों से चल रहा तस्करी का रास्ता पलभर में मलबे में तब्दील हो गया. इस कार्रवाई ने अवैध खनन के पूरे गढ़ को ध्वस्त कर दिया.
ब्लास्ट के बाद तस्करों में दहशत
कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था. हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी गई, जिससे किसी भी तस्कर को भागने का मौका नहीं मिला. ब्लास्ट के बाद इलाके में तस्करों के बीच भारी दहशत का माहौल है. वही एसपी अजय कुमार ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि तस्कर सावधान हो जाये. उन्हें किसी भी कीमत पर अवैध कोयला तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कानून तोड़ने वालों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. अवैध खनन का अंत तय है, कानून से बचना अब नामुमकिन.
अवैध खनन नेटवर्क को सीधी चुनौती
यह कार्रवाई सिर्फ अवैध मुहाने को बंद करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे अवैध खनन नेटवर्क को सीधी चुनौती है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध उत्खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.





