Kurukshetra LNJP Hospital: एलएनजेपी अस्पताल में भारी बवाल! कर्मचारी की पिटाई के बाद नर्सिंग स्टाफ हड़ताल पर, मरीज बेहाल
कुरुक्षेत्र: एलएनजेपी अस्पताल कुरुक्षेत्र में रविवार देर रात वार्ड में मरीज से मिलने पहुंचने परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात लैब अटेंडेंट के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है. मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. दोषियों पर कार्रवाई और ड्यूटी के दौरान सुरक्षा की मांग को लेकर अस्पताल के कर्मचारी सोमवार सुबस से हड़ताल पर चले गए. हड़ताल के कारण ओपीडी सहित कई तरह का इलाज प्रभावित हुआ है.
क्या है मामलाः घटना रात के करीब 3:00 बजे की है, जब 6 से 7 लोग अचानक कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में आ जाते हैं. वहां पर इलाजरत मरीज पवन को अपना परिजन बताते हैं और उससे मिलने की बात कहते हैं. वहां पर तैनात रामेश्वर नाम का कर्मचारी उनको कहता है कि ज्यादा रात हो चुकी है और लाइट भी बंद है. ऐसे में इस समय मिलना ठीक नहीं है. अगर कोई चोरी की घटना हो जाती है तो उसका इल्जाम भी आप पर आ सकता है. इतने में वह लोग कर्मचारी की पिटाई कर देते हैं, जिसमें वह घायल हो जाता है.
मरीज के परिजन मारपीट के बाद फरारः मारपीट के बीच अस्पताल में पास के कमरे में मौजूद एम्बुलेंस पर काम करने वाले कर्मचारी वहां पर आते हैं, जिसको देखकर मारपीट में सभी लोग वहां से फरार हो जाते हैं. पीड़ित ने बताया कि उन लोगों ने पहले उनके साथ बहस की है और उनमें से एक व्यक्ति ने ड्रिंक भी की हुई थी. जब उन्होंने बोला कि आपने ड्रिंक की है तो उसने कर्मचारियों को पीटना शुरू कर दिया, जिसको लेकर सभी कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है. मारपीट की घटना सीसीटीवी में कैद है. इस घटना के बाद कर्मचारियों ने अपना काम बंद कर दिया है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है.
इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज परेशानः अस्पताल में इलाज कराने पहुंची बाला ने कहा कि “यहां पर पर्ची भी नहीं काटी जा रही है. सभी स्टाफ के द्वारा काम बंद कर दिया गया है, जिसे काफी परेशानी हो रही है. इस समस्या का हल निकालना चाहिए ताकि इलाज के लिए अस्पताल आए मरीजों को परेशानी न हो.”
हड़ताल समाप्त कराने के लिए प्रयास जारीः अस्पताल प्रशासन की ओर से PMO डॉ. सारा अग्रवाल का कहना है कि “बीती रात मरीज के परिजनों के द्वारा एक कर्मचारी की पिटाई करने का मामला सामने आया है, जिसके चलते कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है. हम बातचीत कर रहे हैं. कोशिश कर रहे हैं कि जल्दी इसका हल हो और किसी भी मरीज को परेशानी न हो.”
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