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Justice for Innocent: पुणे में बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले को कोर्ट ने माना दोषी; 29 जून को सुनाई जाएगी सजा

पुणे: पुणे के नसरापुर में 1 मई 2026 को 3 साल की मासूम के अपहरण, दुष्कर्म और नृशंस हत्या के मामले में पुणे की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 65 वर्षीय आरोपी भीमराव कांबले को सभी आरोपों में दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश एस.आर. सालुंखे की अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए।

🕵️ क्या था पूरा मामला और साक्ष्य?

विशेष लोक अभियोजक अजय मिसर ने बताया कि आरोपी ने अपना अपराध छिपाने के लिए दावा किया था कि बच्ची को चोटें गिरने से आई थीं, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसके झूठ का पर्दाफाश कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची के शरीर पर 18 गहरे घाव थे और आरोपी ने 39 मिनट तक उस पर बर्बर हमला किया था। चश्मदीद बच्चों ने भी पहचान परेड के दौरान आरोपी की स्पष्ट पहचान की, जो मामले में निर्णायक साबित हुई।

⛓️ समाज के लिए नासूर है आरोपी का इतिहास

सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आरोपी का पिछला रिकॉर्ड बेहद खौफनाक रहा है। उसके खिलाफ पहले भी एक 62 वर्षीय महिला, एक 17 वर्षीय किशोरी और पशु क्रूरता के मामले दर्ज हैं। आरोपी की आपराधिक प्रवृत्ति को देखते हुए अभियोजन पक्ष ने अदालत से उसे मृत्युदंड देने का अनुरोध किया है, ताकि समाज में कड़ा संदेश जा सके।

📅 29 जून का दिन तय करेगा सजा

अदालत ने आरोपी के दोष सिद्ध होने के बाद सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब 29 जून 2026 को यह तय होगा कि हैवानियत की सारी हदें पार करने वाले इस दरिंदे को मृत्युदंड मिलता है या आजीवन कारावास। नसरापुर के स्थानीय लोग और नागरिक समाज आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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