Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
BMC Action: खुले मैनहोल में गिरने से व्यक्ति की मौत, बीएमसी ने दी 10 लाख की सहायता; जांच के लिए समित... Ram Niwas Mandir Dispute: राम मंदिर परिसर के पास पंचायती मंदिर पर कब्जे का आरोप, ट्रस्ट के महासचिव प... Assembly By-election 2026: बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की 3 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, 30 जुलाई को ह... Delhi School Fee Rule: निजी स्कूलों को 15 जुलाई तक गठित करनी होगी फीस समिति, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ... College Street Makeover: अग्निमित्रा पॉल के प्रस्ताव का विरोध, हॉकरों की आजीविका और सौंदर्यीकरण के ब... Maharashtra Rain News: मूसलाधार बारिश से महाराष्ट्र बेहाल, करंट लगने से किशोरी की मौत; NDRF तैनात Hapur DSO Seema Chaudhary News: जिला पूर्ति अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें, मां की शिकायत पर धोखाधड़ी और जम... Raipur Ganja Smuggling: गांजा तस्करों पर रायपुर पुलिस का बड़ा प्रहार, 64 आरोपी गिरफ्तार और 2.5 करोड़ क... Bamani-dih News: बम्हनीडीह नगर पंचायत के नए अध्यक्ष और पार्षदों ने ली शपथ, CM साय ने दी विकास की सौग... NH-45 Quality Issue: पहली ही बारिश में उखड़ी सड़क, दरारें पड़ने से निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर उठ...

बालाघाट: शराब दुकान हटाने की मांग पर अड़ी महिलाएं, आंदोलन में बाधा डालने वाले शराबी पति को सिखाया सबक

बालाघाट के बूढ़ी इलाके में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का आंदोलन अब चर्चा का विषय बन गया है। यहां पिछले 80 दिनों से महिलाएं धरने पर बैठी हैं, लेकिन 29 जून की शाम आंदोलन स्थल पर उस समय अजीब स्थिति बन गई जब एक महिला ने अपने ही शराबी पति को खंभे से बांध दिया। आरोप है कि पति संजू चौधरी नशे में धुत होकर वहां पहुंचा और मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा।

🚫 आंदोलन को कमजोर करने का आरोप

आंदोलनकारी महिलाओं का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं। जब उनकी पत्नी ने संजू चौधरी को समझाने की कोशिश की, तो वह नहीं माना। आक्रोशित पत्नी ने अन्य महिलाओं की मदद से उसे बीच सड़क पर खंभे से बांध दिया और विरोध स्वरूप उसके मुंह पर टेप चिपका दी। महिला ने स्पष्ट कहा कि वह खुद इस लड़ाई का हिस्सा है और अपने ही पति को आंदोलन को कमजोर करने की इजाजत नहीं देगी।

👮 पुलिस की दखल के बाद शांत हुआ मामला

इस घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और हंगामे की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और संजू चौधरी को मुक्त कराया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

“हम परिवार को टूटने से बचाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं। जब हमारे ही घर के लोग शराब पीकर इस आंदोलन को कमजोर करेंगे, तो हम उन्हें बख्शेंगे नहीं।” — आंदोलनकारी महिलाएं

📢 नशे के खिलाफ जारी है ‘महाभारत’

बूढ़ी क्षेत्र की महिलाओं का संकल्प अडिग है। 45 वर्षों से संचालित इस शराब की दुकान के कारण क्षेत्र में बढ़ती घरेलू हिंसा और नशे के दुष्प्रभाव से परेशान महिलाएं अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक यहां से शराब की दुकान पूरी तरह नहीं हटाई जाती, तब तक यह धरना अनवरत जारी रहेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.