Chhatarpur News: CM मोहन यादव के विकास कार्यों की शिलापट्टिकाएं कबाड़ में मिलीं, प्रशासनिक अमले में हड़कंप
मध्य प्रदेश के छतरपुर में सरकारी व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पित और भूमिपूजन किए गए विकास कार्यों की सरकारी शिलापट्टिकाएं एक शासकीय परिसर में कबाड़ की तरह पड़ी मिली हैं। इन शिलापट्टिकाओं का कचरे में मिलना प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
🚮 विकास के सबूत कचरे में लावारिस
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अगस्त 2025 में मेला ग्राउंड से करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया था। इन शिलापट्टिकाओं पर मुख्यमंत्री के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा के नाम अंकित थे। ये पत्थर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग के कार्यालय परिसर में कचरे के बीच लावारिस हालत में पाए गए, जिससे यह स्पष्ट है कि अफसरों ने इन विकास कार्यों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
🚧 सिर्फ कागजों तक सीमित हैं करोड़ों की परियोजनाएं
लवकुशनगर और मातगुवां क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजस्व कार्यालय भवन और सड़क निर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं आज भी धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। शिलान्यास के एक साल बाद भी काम शुरू न होना और शिलापट्टिकाओं का कबाड़ में मिलना यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं अफसरों के लिए बेअसर साबित हो रही हैं।
⚖️ विपक्ष का हमला और अधिकारियों की सफाई
इस मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता संजय चौरसिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “जब अधिकारी अपने मुख्यमंत्री द्वारा किए गए विकास कार्यों की शिलापट्टिकाओं को ही सम्मान नहीं दे सकते, तो वे जनता का भला क्या करेंगे।” वहीं, RES विभाग के ईई सलिल सिंह का कहना है कि यह काम उनके विभाग को नहीं सौंपा गया था, जिस भी विभाग की यह लापरवाही है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीएम विनय द्विवेदी ने कहा है कि पूरे मामले की वैधानिक जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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