Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Ayodhya Ram Mandir Controversy: 'राम मंदिर कर्मचारियों की हो CDR जांच', अखिलेश यादव बोले- 99% लोग BJ... Old Delhi Redevelopment: 'शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम' का बदला नाम, अब 'इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विका... Datia By-Election: दतिया में ASP के दामोदर यादव ने भरा नामांकन, क्षत्रिय समाज ने किया BJP का समर्थन Datia By-Election: नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव से पहले दिखाई ताकत, सैकड़ों महिलाओं-युवाओं को दिलाई BJP... Chhattisgarh Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 15 इंस्पेक्टर और 1 SI का तबादला, आदेश जार... Rajasthan Oil Production: बाड़मेर में खोदे जाएंगे 1000 नए तेल कुएं, 3 लाख बैरल प्रतिदिन क्रूड ऑयल उत... Yamuna Jal Pariyojana: शेखावाटी के लिए खुशखबरी! सीकर में खुलेंगे 3 नए कार्यालय, 46 पदों को भी मंजूरी Pakistan Water Crisis: पानी के लिए भारत पर आरोप लगाने वाले पाकिस्तान की खुली पोल, खुद की गलती से जल ... Haryana Super 100 Scheme: नायब सरकार ने बढ़ाईं 100 सीटें, 9 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया PM Modi in Melbourne: मेलबर्न में गूंजा 'भारत माता की जय', पीएम मोदी ने किया 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्...

Deep Narayan Singh Yadav: सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव की बढ़ी मुश्किलें, लखनऊ-झांसी में ED की छापेमारी

समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके और उनके पारिवारिक सदस्यों के लखनऊ और झांसी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। ईडी ने यह कार्रवाई यूपी विजिलेंस एस्टेब्लिशमेंट की एफआईआर के आधार पर की है। ईडी ने छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं।

आय से अधिक संपत्ति और डकैती के 60 मामले दर्ज

ईडी की जांच टीम सुबह-सुबह उनके ठिकानों पर पहुंच गई थी। बता दें कि दीप नारायण पर डकैती और आय से अधिक संपत्ति जैसे करीब 60 मामले दर्ज हैं। इस समय वह जेल में हैं और उनके पूरे साम्राज्य पर ईडी, विजिलेंस और यूपी पुलिस का शिकंजा कसा हुआ है। दीप नारायण सिंह यादव यूपी के झांसी से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक हैं। 2007 और 2012 में गरौठा विधानसभा सीट से वो दो बार विधायक चुने गए थे।

कौन हैं सपा के पूर्व MLA दीप नारायण?

21 जुलाई 1969 को झांसी में जन्मे दीप नारायण के राजनीतिक करियर की शुरुआत एक छात्र नेता के रूप में हुई थी। कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के टिकट पर उन्होंने बुंदेलखंड इंटर कॉलेज से छात्रसंघ का चुनाव जीता था। इसके बाद 1992 में वे बुंदेलखंड कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष बने। इसी दौरान वे मुलायम सिंह यादव के संपर्क में आए और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।

2007 और 2012 में गरौठा सीट से बने थे विधायक

1991 में दीप नारायण समाजवादी युवजन सभा के झांसी जिला अध्यक्ष बने। इसके करीब दो साल बाद वे झांसी जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने और इस पद पर वे 1998 तक रहे। सपा में उन्होंने जिलाध्यक्ष, प्रदेश सचिव, लोहिया वाहिनी के प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों की कमान संभाली। 2007 में झांसी की गरौठा विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर वे पहली बार विधायक चुने गए और 2012 में दोबारा जीत हासिल की। मगर 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

पुश्तैनी जमीन हड़पने और रंगदारी मांगने का भी है आरोप

दीप नारायण पर मारपीट, धमकी, रंगदारी, डकैती और गैंगस्टर एक्ट जैसे दर्जनों संगीन मुकदमे दर्ज हैं। अब तक उनकी करोड़ों रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। पिछले साल मोंठ तहसील के भुजौंद गांव निवासी प्रेम सिंह पालीवाल ने दीप नारायण और उनके साले अनिल मामा सहित अन्य लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप यह लगाया गया था कि वे उनकी पुश्तैनी जमीन हड़पना चाहते थे।

जब प्रेम सिंह ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इतना ही नहीं, उनके साथ लूटपाट भी की गई और 20 लाख रुपये की रंगदारी भी मांगी गई। इस मामले के बाद दीप नारायण कई दिनों तक फरार रहे और फिर उन्होंने सरेंडर कर दिया। इसके बाद उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का भी मुकदमा दर्ज है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.