नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर कैलाश विजयवर्गीय की दो टूक, कहा- आशुतोष तिवारी भारी मतों से जीतेंगे
बीजेपी ने मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को दरकिनार करते हुए दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी के इस फैसले के बाद मिश्रा के समर्थक खासे नाराज हैं और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया है, जिन्होंने साफ कर दिया है कि एक बार टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने की कोई परंपरा नहीं है।
🗣️ कैलाश विजयवर्गीय: “पार्टी का निर्णय सर्वोपरि”
मीडिया से बातचीत में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पार्टी में लोकतंत्र है, जहां कार्यकर्ता अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं और हजारों लोग टिकट की दावेदारी करते हैं, लेकिन सबको मौका नहीं मिल सकता। हमने टिकट सोच-समझकर दिया है और आशुतोष तिवारी भारी अंतर से जीतेंगे।” उन्होंने विश्वास जताया कि नरोत्तम मिश्रा जैसे वरिष्ठ कार्यकर्ता पार्टी के हित में काम करेंगे और इस फैसले का सम्मान करेंगे।
📞 नरोत्तम मिश्रा से बात करने की कोशिश
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी नरोत्तम मिश्रा से बात हुई, तो विजयवर्गीय ने बताया कि उन्होंने मिश्रा को दो-तीन बार फोन किया था, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उन्होंने दोहराया कि मिश्रा एक अनुशासित कार्यकर्ता हैं और पार्टी के प्रति निष्ठावान हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी में टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने का रिवाज नहीं है।
💉 जीतू पटवारी के भाई पर साधा निशाना
कैलाश विजयवर्गीय ने पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के ड्रग्स मामले पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी को बड़ी बातें करने से पहले अपने घर की स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने खुद स्वीकार किया है कि वह नशा करते थे, जो कांग्रेस के नेताओं की कथनी और करनी का अंतर दिखाता है।
🚲 राहुल गांधी की यात्रा पर तंज
जीतू पटवारी की साइकिल यात्रा पर विजयवर्गीय ने तंज कसते हुए कहा कि इसके पहले राहुल गांधी ने भी लंबी यात्रा निकाली थी, जिसका देश पर कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा, “जब उनके बड़े नेता की यात्रा से कोई फर्क नहीं पड़ा, तो इनकी साइकिल यात्रा से क्या फर्क पड़ जाएगा।”
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