मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और दतिया के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन न करने की अपील की है। भाजपा द्वारा उन्हें दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट न दिए जाने के बाद उनके समर्थकों ने भारी विरोध किया था। मिश्रा ने अपने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे पेट्रोल या केरोसिन डालकर विरोध न करें। उन्होंने कहा कि कोई भी मतभेद पार्टी के अंदर उचित मंच पर ही जाहिर किया जाना चाहिए।
🚧 11 घंटे तक थमा रहा नेशनल हाईवे
दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि समर्थकों द्वारा किया गया चक्का जाम शुक्रवार शाम से शुरू होकर शनिवार सुबह करीब 5 बजे तक जारी रहा। लगभग ग्यारह घंटे तक चले इस जाम के कारण दतिया, झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर जिलों के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। 20-25 किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम में एम्बुलेंस और सैकड़ों बसें फंसी रहीं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
👮 पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प
प्रशासन ने पूरी रात प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से जाम हटाने के लिए मनाने की कोशिश की। हालांकि, बातचीत विफल होने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हालात तब और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारी एक ऑफिस बिल्डिंग में घुस गए और वहां से पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकते रहे। इस हिंसा में SDPO, SP और एडिशनल SP समेत कुल 8 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि जिलाधिकारी वानखेड़े को भी सिर में चोट आई है।
⚖️ शहर की शांति बिगाड़ने की कोशिश
दतिया के पुलिस अधीक्षक (SP) मयूर खंडेलवाल ने बताया कि करीब 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराने और हाईवे बाधित करके शहर में सामान्य स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि सुबह 4 बजे के करीब जब प्रदर्शनकारियों ने अचानक पुलिस पर हमला किया, तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है और उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
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