Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
बालों के झड़ने के पीछे कहीं प्रोटीन की कमी तो नहीं? जानें शरीर में दिखने वाले 5 संकेत और घरेलू उपाय मुजफ्फरनगर: दृष्टिहीन सत्येंद्र की अटूट शिवभक्ति! बिना किसी साथी के लाठी के सहारे 3 दिन में तय किया ... बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर मायावती ने जताया गहरा शोक, बताया पार्टी का वफादार स्त... डांगावास हत्याकांड: 11 साल बाद अदालत का बड़ा फैसला, CBI सबूत साबित करने में नाकाम, सभी 40 आरोपी बरी अजमेर नगर निगम की अनूठी पर्यावरण पहल, दरगाह और पुष्कर ब्रह्मा मंदिर के फूलों से बनेगी जैविक खाद नागपुर में डॉक्टर के बेटे की दरिंदगी: 16 वर्षीय छात्रा को 24 घंटे बंधक बना चाबुक और चाकू से दी खौफना... बांके बिहारी आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी मुक्ति! ₹6,922 करोड़ की मथुरा हेरिटेज सिटी परियोज... दरगाह आला हजरत उर्स-ए-रजवी में मिसाल: सावन के सम्मान में नहीं बनेगी नॉनवेज बिरयानी, परोसा जाएगा शाका... कांवड़ यात्रा पर दारुल उलूम देवबंद की एडवाइजरी: छात्रों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य, कांवड़ रूट से दू... रांची में छात्र आंदोलन का सबसे बड़ा दिन: विधानसभा सत्र की शुरुआत के बीच क्या सरकार से होगी वार्ता?

बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर मायावती ने जताया गहरा शोक, बताया पार्टी का वफादार स्तंभ

लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के असमय निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मायावती ने अपने शोक संदेश में कहा कि उमाशंकर सिंह हमारी पार्टी के सच्चे, कर्मठ और पूर्णतः समर्पित नेता थे। उन्होंने अपने संपूर्ण सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी की बेमिसाल मिसाल प्रस्तुत की। मायावती ने भावुक होते हुए कहा कि उमाशंकर सिंह उन्हें हमेशा अपनी सगी बहन की तरह पूरा आदर एवं सम्मान देते थे।

📜 “पार्टी के प्रति निष्ठा की जितनी प्रशंसा की जाए कम”, मायावती ने दी विनम्र श्रद्धांजलि

बीएसपी प्रमुख मायावती ने दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।

उन्होंने कहा, “बसपा में सम्मिलित होने के उपरांत से ही उमाशंकर सिंह ने पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से पार्टी की सेवा की। उन्हें जब भी जो जिम्मेदारी सौंपी गई, उसे उन्होंने पूरी निष्पक्षता और कुशलता के साथ निभाया।”

🤝 राजनीतिक उतार-चढ़ाव में भी पार्टी से नहीं किया विश्वासघात, मायावती ने परिजनों को दिया ढांढस

उमाशंकर सिंह से अपने आत्मीय एवं पारिवारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा, “यद्यपि वे अब हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं रहे, परंतु मैं उनके शोक संतप्त परिवार से कहना चाहती हूँ कि उमाशंकर सिंह ने जीवन भर ईमानदारी की नजीर पेश की। प्रदेश में सरकारें बदलीं, कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव आए, परंतु उन्होंने कभी भी पार्टी के सिद्धांतों से समझौता या विश्वासघात नहीं किया। सच्चे अर्थों में वे मुझे अपनी सगी बहन मानते थे।”

उन्होंने कहा कि विधायक उमाशंकर सिंह का पूरा परिवार बीएसपी परिवार की तरह है और दुख की इस कठिन घड़ी में उनकी पूरी संवेदनाएं उनके परिजनों व समर्थकों के साथ हैं।

💬 “लंबी बीमारी के बाद निधन की खबर अति-दुखद, पूरे समाज के लिए समर्पित थे उमाशंकर”: मायावती

“बसपा में रहते हुए उमाशंकर न केवल अपने विधानसभा क्षेत्र, बल्कि संपूर्ण समाज के प्रति समर्पित रहे। लंबी बीमारी के उपरांत उनके निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा अतुलनीय है।”

🎓 छात्र राजनीति से की थी करियर की शुरुआत, रसड़ा सीट से लगातार तीन बार चुने गए विधायक

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की प्रसिद्ध रसड़ा विधानसभा सीट से बीएसपी विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे।

उमाशंकर सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत एक जुझारू छात्र नेता के रूप में की थी। वर्ष 1990-91 में वे बलिया के प्रतिष्ठित सतीश चंद्र कॉलेज के छात्रसंघ महामंत्री चुने गए थे। इसके पश्चात वर्ष 2012 में वे पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर विधायक बने। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने रसड़ा सीट से लगातार जीत दर्ज की। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं। वे विगत लंबे समय से गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.