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उत्तराखंड के चमोली में बड़ा हादसा, THDC की निर्माणाधीन टनल में घुसा पानी और मलबा; 7 मजदूरों की मौत

मोली (उत्तराखंड): देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत चमोली जिले से एक हृदयविदारक हादसे की खबर सामने आई है। जिले के मायापुर-पीपलकोटी इलाके में गुरुवार शाम एक निर्माणाधीन टीएचडीसी (THDC) टनल के भीतर अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा भर गया। टनल के अंदर अचानक आए इस भीषण सैलाब से वहां कार्यरत मजदूरों को संभलने का तनिक भी अवसर नहीं मिला, जिसके चलते 22 मजदूर टनल की गहराई में ही फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं।

🚜 SDRF का त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन, 20 मजदूरों को निकाला गया बाहर; 3 अभी भी लापता

हादसे के उपरांत युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया गया।

राहत दलों ने अथक प्रयास कर 20 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एसडीआरएफ (SDRF) द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में 7 मजदूरों की जान चली गई है। सभी घायलों को त्वरित प्राथमिक उपचार के बाद गोपेश्वर स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं 3 अन्य श्रमिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी खोजबीन हेतु टनल के भीतर सघन रेस्क्यू ऑपरेशन अनवरत जारी है।

🏥 गोपेश्वर जिला अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे मजदूर, आंखों में खौफ और सुनाई दे रही धमाके की गूंज

हादसे में घायल होकर गोपेश्वर जिला अस्पताल में उपचाराधीन मजदूरों की आंखों में उस भयावह मंजर का खौफ साफ देखा जा सकता है।

किसी के कानों में अब भी टनल के अंदर हुए तेज धमाके की आवाज गूंज रही है, तो कोई मलबे और पानी के अप्रत्याशित तेज बहाव को याद कर सिहर उठता है। घायल श्रमिकों में किसी का जबड़ा टूट चुका है, तो किसी के हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं। पंजाब के तरनतारन जिले से संबंध रखने वाले एक घायल मजदूर ने कांपते हुए बताया कि टनल का ऊपरी हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर पड़ा था।

🙏 “भगवान की कृपा से बची जान”— छत्तीसगढ़ और झारखंड के मजदूरों ने सुनाई खौफनाक आपबीती

घायल मजदूर ने बताया कि टनल का हिस्सा ढहते ही पानी का प्रचंड सैलाब अंदर आ गया, जिससे मजदूर तिनके की तरह इधर-उधर बहने लगे।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया कि उनकी जान बच गई। वहीं छत्तीसगढ़ के एक अन्य मजदूर ने बताया कि जिस समय यह आपदा आई, वे पीपलकोटी छोर की ओर काम कर रहे थे और देखते ही देखते सभी साथी जलमग्न होने लगे। झारखंड के मजदूरों ने भी पुष्टि की कि सैलाब आने से ऐन पहले एक जोरदार धमाके जैसी भयानक आवाज आई थी।

⚠️ 1800 मीटर की गहराई पर हुआ हादसा, पिछले साल दिसंबर में भी इसी टनल में हुई थी दुर्घटना

हिमाचल प्रदेश के एक घायल श्रमिक के अनुसार, टनल के 1800 मीटर के बिंदु पर पानी और कीचड़ का तेज बहाव आया था।

प्रारंभिक तकनीकी जानकारी के मुताबिक, टनल की छत का एक बड़ा और ढीला (लूज) भाग अचानक नीचे आ गिरा, जिससे रुका हुआ पानी और मलबा अचानक सैलाब बनकर अंदर घुस गया। उल्लेखनीय है कि पीपलकोटी स्थित इसी THDC परियोजना की टनल में पिछले साल दिसंबर माह में भी इसी प्रकार की दुर्घटना घटित हुई थी, जिसने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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