बोकारो/पाकुड़/जमशेदपुर/साहिबगंज (झारखंड): केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक (MMDR Amendment Bill) 2026 को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
पार्टी की केंद्रीय कमेटी के निर्देश पर बोकारो के जैनमोड़ में जिला कार्यसमिति की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद तथा चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
⚔️ ट्रांसपोर्टिंग और प्लांट प्रोडक्शन रोकने की चेतावनी: मंत्री योगेंद्र प्रसाद
बैठक में उपस्थित नेताओं से आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा कर सुझाव लिए गए, जिन्हें केंद्रीय कमेटी के समक्ष रखा जाएगा।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। इसके तहत झारखंड से कोयला, लोहा, अभ्रक सहित अन्य खनिजों की ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह ठप की जाएगी और प्लांट्स में प्रोडक्शन पर भी रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खनिज रॉयल्टी व टैक्स का वाजिब हक न मिलने से झारखंड की विकास योजनाओं, छात्रवृत्तियों और महिला कल्याण योजनाओं पर सीधा कुठाराघात होगा।
📢 ‘काले कानून’ के खिलाफ होगा चरणबद्ध आंदोलन: सांसद विजय हांसदा
पाकुड़ में आयोजित झामुमो की रणनीतिक बैठक में राजमहल सांसद विजय हांसदा ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया।
सांसद हांसदा ने कहा कि जिस जल्दबाजी में इस विधेयक को पारित कराया गया है, उससे भाजपा की मंशा उजागर होती है। पार्टी इस संशोधित बिल के खिलाफ तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगी जब तक इसे वापस नहीं ले लिया जाता।
🛑 ‘झारखंड से बाहर नहीं जाने देंगे खनिज संपदा, भले दिल्ली में अंधेरा छा जाए’
पाकुड़ की बैठक में झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने कड़े शब्दों में कहा कि पार्टी जन-जन तक पहुंचकर इस कानून के नुकसान बताएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने खान और जमीन के विनियमन से जुड़े राज्य के अधिकारों को छीनने का प्रयास किया है। यदि यह कानून वापस नहीं हुआ, तो झारखंड से खनिज संपदा बाहर नहीं भेजी जाएगी, चाहे इसके चलते देश की राजधानी में बिजली का संकट ही क्यों न खड़ा हो जाए।
💰 नए कानून से झारखंड को ₹14,656 करोड़ के आर्थिक नुकसान का दावा: कुणाल षाड़ंगी
जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस में झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने पार्टी का पक्ष रखते हुए केंद्र सरकार पर राज्य के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
कुणाल षाड़ंगी ने दावा किया कि नए MMDR संशोधन कानून के लागू होने से झारखंड को लगभग 14,656 करोड़ रुपये का भारी राजस्व नुकसान होगा। इस वित्तीय घाटे से राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं और आधारभूत विकास कार्य सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
🌿 जल, जंगल, जमीन और खनिज अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पित: साहिबगंज बैठक
साहिबगंज के टाउन हॉल में झामुमो जिला समिति की आपात बैठक जिला अध्यक्ष अरुण सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह संशोधन राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। झामुमो का इतिहास जल, जंगल, जमीन और राज्य की खनिज संपदा की रक्षा के संघर्ष से जुड़ा रहा है और पार्टी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी स्तर के संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी।
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