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धमतरी: 175 छात्रों पर सिर्फ 5 शिक्षक, बारिश के बीच गूंजे नारे; ग्रामीणों के आंदोलन के बाद 1 शिक्षक ने संभाला पदभार

धमतरी (छत्तीसगढ़): जिले के बारना गांव में सोमवार को शिक्षकों की भारी कमी को लेकर ग्रामीणों, अभिभावकों और स्कूली छात्र-छात्राओं का आक्रोश खुलकर सामने आया।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की पदस्थापना न होने से नाराज ग्राम विकास समिति और शाला विकास समिति ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लगातार मूसलाधार बारिश होती रही, लेकिन ग्रामीण और स्कूली बच्चे छाता लेकर अपनी मांग पर अडिग रहे।

📚 175 छात्रों के लिए महज 5 शिक्षक, लंबे समय से खाली पड़े हैं मुख्य विषयों के पद

धमतरी जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित इस स्कूल में शिक्षा व्यवस्था बदहाल स्थिति में है:

  • छात्रों की संख्या और कमी: कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 175 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनके अध्यापन के लिए वर्तमान में महज पांच शिक्षक ही कार्यरत हैं।

  • महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षक नहीं: स्कूल में लंबे समय से हिंदी, अंग्रेजी, रसायन शास्त्र (Chemistry), भूगोल और सामाजिक विज्ञान जैसे कोर विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त हैं।

  • चेतावनी के बाद कदम: ग्रामीणों ने पूर्व में 16 अगस्त तक शिक्षक नियुक्त करने का अल्टीमेटम दिया था। तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी कोई पहल न होने पर 17 अगस्त को ग्रामीणों ने स्कूल में पूर्ण तालाबंदी कर दी।

🌧️ बारिश के बीच गूंजे नारे, छात्र बोले- ‘यूट्यूब से ही पढ़ना है तो स्कूल आने का क्या फायदा’

इस आंदोलन की खास बात यह रही कि इसमें भारी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए:

  • छाता लेकर डटे रहे बच्चे: बारिश के बीच विद्यार्थी स्कूल के बाहर छाता लेकर खड़े रहे और ‘रघुपति राघव राजा राम, शिक्षक की व्यवस्था कर भगवान’ जैसे नारों के साथ प्रशासन को जगाने का प्रयास किया।

  • छात्रों का दर्द: एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, “आखिर कब तक यूट्यूब के जरिए पढ़ाई करेंगे? अगर ऑनलाइन वीडियो से ही पढ़ना है तो स्कूल आने का क्या औचित्य है? शिक्षक के सामने बैठकर विषय को समझने और शंकाओं का समाधान करने से ही पढ़ाई बेहतर होती है।”

  • अभिभावकों का समर्थन: ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार प्रशासनिक आवेदनों की अनदेखी के चलते बच्चों के भविष्य की खातिर उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ा।

📋 5 घंटे के प्रदर्शन के बाद BEO ने दिया आश्वासन, एक शिक्षक ने ग्रहण किया पदभार

करीब पांच घंटे तक चले गतिरोध के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और वार्ता की पहल की:

  • तत्काल व्यवस्था: खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) लीलाधर चौधरी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और सामाजिक विज्ञान व हिंदी के लिए एक शिक्षक को तत्काल कार्यभार ग्रहण कराया।

  • एक हफ्ते का अल्टीमेटम: बीईओ ने बताया कि अंग्रेजी और रसायन विज्ञान के शिक्षकों के लिए जिला कार्यालय से पत्राचार किया गया है और आगामी एक सप्ताह के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कमी दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

  • स्थायी नियुक्ति का भरोसा: खंड शिक्षा अधिकारी ने आश्वस्त किया कि शासन स्तर पर चल रही पदोन्नति, स्थानांतरण और सीधी भर्ती प्रक्रिया पूरी होते ही बारना स्कूल में प्राथमिकता के आधार पर स्थायी शिक्षक पदस्थ किए जाएंगे।

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