Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
रक्षाबंधन पर भद्रा और चंद्रग्रहण का साया नहीं: 28 अगस्त को दिनभर बांध सकेंगे राखी, जानें शुभ मुहूर्त... रक्षाबंधन पर महंगाई की दोहरी मार: दंतेवाड़ा में प्याज ₹60 और चीनी ₹80 प्रति किलो, त्योहार से पहले बि... बलरामपुर के बाबा कर्मेश्वर धाम पहुंचे CM विष्णु देव साय: रुद्राभिषेक कर की पूजा, कर्रा में मंगल भवन ... रायपुर में ₹55 लाख तक की डायमंड राखी: इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन, सोने-चांद... रायपुर IGKV में तीसरा पेपर भी लीक: 'फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स' परीक्षा पर बवाल, यूनिवर्सिटी ने पुलिस ... रायपुर IGKV में तीसरा पेपर भी लीक: 'फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स' परीक्षा पर बवाल, यूनिवर्सिटी ने पुलिस ... सेक्स वर्कर होने के आधार पर नहीं चल सकता आपराधिक केस: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रद्द की FIR और चार्जशीट,... बापटला बीच पर मिला शिवलिंग पीठम और मूर्तियां; लहरों के साथ बहीं या जमीन से निकलीं? जांच में जुटा प्र... रीलबाजी की सनक पड़ी भारी: ग्वालियर में 3400 किस वाली कार का कटा चालान, मालिक से मौके पर साफ करवाए लि... वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी का बयान: 'संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग से होती है', बीजेपी-कांग्रेस म...

MP में 3.5 लाख NGO, ट्रस्ट और सोसायटियों पर शिकंजा: अब ऑनलाइन होगी कामकाज और ऑडिट की निगरानी, फर्जी संस्थाएं होंगी बंद

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में केवल कागजों पर संचालित हो रहे फर्जी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs), धार्मिक व सामाजिक ट्रस्टों, शिक्षण समितियों और सोसायटियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी पूरी कर ली है।

प्रदेश भर में पंजीकृत लगभग 3.5 लाख गैर-सरकारी और सामाजिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, नियमित चुनाव प्रक्रिया, सदस्यता विवरण और वित्तीय खर्चों की निगरानी अब पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संस्थाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और सरकारी अनुदान या जनसहयोग के दुरुपयोग को रोकना है।

💻 रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज ने प्रक्रिया की डिजिटल, फर्जी संस्थाओं पर लगेगी रोक

डिजिटल व्यवस्था और निगरानी के प्रमुख बिंदु:

  • डिजिटल वार्षिक रिटर्न: रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटीज ने सभी पंजीकृत संस्थाओं के लिए अपनी वार्षिक प्रगति रिपोर्ट, वित्तीय लेखा-जोखा और ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल से जोड़ दिया है।

  • फर्जी संस्थाओं की पहचान: बिना वैध ऑडिट, बिना कार्यकारिणी चुनाव और कागजों में संचालित फर्जी संस्थाओं की पहचान कर उनके पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई तेज की जाएगी।

  • वित्तीय पारदर्शिता: सभी लेन-देन और अनुदान का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज होने से आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.