Dhanbad News: 1 घंटे में जमींदोज हुए 4 मकान! धनबाद के लोयाबाद में भू-धंसान से दहशत; ग्रामीणों ने की जांच की मांग
धनबाद। झारखंड के कोयलांचल धनबाद स्थित लोयाबाद थाना क्षेत्र की 7 नंबर मुस्लिम बस्ती में अचानक हुई बड़े पैमाने पर भू-धंसान की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
क्षेत्र में लगातार रुक-रुककर हो रहे भू-धंसान के कारण स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है। महज एक घंटे के भीतर चार पक्के मकान इस भू-धंसान की सीधी चपेट में आकर जमींदोज हो गए। राहत और गनीमत की बात यह रही कि घरों के साथ जमीन में समाए सभी लोगों को स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बताया जा रहा है कि मोहम्मद आजाद, सोनू ड्राइवर और फातमा खातून के मकानों के आसपास की जमीन अचानक कांपने लगी और धंसने लगी। देखते ही देखते जमीन का एक बड़ा हिस्सा सीधे नीचे चला गया। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धंसी हुई जमीन की गहराई लगभग 30 फीट तक पहुंच गई है।
😱 बस्ती में मची भगदड़ और अफरा-तफरी: जमीन के भीतर लगातार हो रही हलचल से सहमे लोग
घटना के वक्त अचानक तेज आवाज और जमीन धंसते देख पूरी बस्ती में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसा माहौल बन गया।
प्रभावित घरों के आसपास दरारें चौड़ी होते देख स्थानीय लोगों ने तुरंत जान पर खेलकर प्रभावित परिवारों और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के भीतर से लगातार गड़गड़ाहट और हलचल महसूस हो रही है तथा भू-धंसान रुक-रुककर जारी है। इस स्थिति से प्रभावित परिवारों के साथ-साथ पूरी बस्ती के लोग खौफजदा हैं। लोगों को डर है कि यदि धंसान का दायरा बढ़ा, तो आसपास के दर्जनों अन्य मकान भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
⛏️ बीसीसीएल के पुराने भूमिगत खनन पर फूटा गुस्सा: कमजोर जमीन बनी तबाही की वजह
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, 7 नंबर मुस्लिम बस्ती का यह इलाका बीसीसीएल (BCCL) एरिया-5 के सिजुआ/शिंद्रा बासजोड़ा कोलियरी क्षेत्र से सटा हुआ है।
यहां पूर्व में बीसीसीएल द्वारा बड़े पैमाने पर भूमिगत कोयला खनन (Underground Mining) और इंकलाइन का संचालन किया गया था। स्थानीय नागरिक इस तबाही की मुख्य वजह खदानों के भीतर सही ढंग से बालू भराई (Sand Stowing) न होना और पुरानी खदानों के कारण जमीन का कमजोर होना बता रहे हैं। हालांकि, इस भू-धंसान की वास्तविक और तकनीकी वजह क्या है, यह विशेषज्ञ टीम की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
📋 प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी और त्वरित पुनर्वास की मांग: प्रशासन के रुख पर टिकी नजरें
घटना की आधिकारिक सूचना तुरंत बीसीसीएल प्रबंधन, पुलिस और अंचल प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि सबसे पहले प्रभावित खतरनाक इलाके को रेड जोन घोषित कर बैरिकेडिंग की जाए और वहां आम लोगों की आवाजाही पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि कोई बड़ी जनहानि न हो। इसके साथ ही बेघर हुए पीड़ित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने, मुआवजा देने और जीवन रक्षक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग भी जोर पकड़ रही है। फिलहाल, लगातार कांपती जमीन के बीच ग्रामीणों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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