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Korba News: छोटे भाई को बचाने भालू से भिड़ा बड़ा भाई! छातीबहार के जंगल में हादसा, एनजीओ की लापरवाही से रायपुर रेफर

कोरबा। जिले के लेमरू वन मंडल अंतर्गत छातीबहार गांव में सोमवार को भालू के हमले की एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। भालू के इस जानलेवा हमले में दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि कोरबा शहर की एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) से जुड़े कुछ लोग बच्चों को जंगल में स्थित ऐतिहासिक शैलचित्र और प्राकृतिक गुफाएं देखने के लिए अपने साथ ले गए थे। उसी दौरान अचानक भालू ने बच्चों पर हमला कर दिया। भालू का हमला होते ही एनजीओ के सदस्य बच्चों की सुरक्षा करने के बजाय उन्हें तड़पता छोड़कर मौके से फरार हो गए। बाद में ग्रामीणों की मदद से दोनों लहूलुहान बच्चों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए रायपुर रेफर कर दिया गया।

👕 कपड़े बांटने गांव पहुंचे थे एनजीओ के युवक: बहला-फुसलाकर बच्चों को ले गए घने जंगल की ओर

स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, कोरबा शहर से कुछ युवक (एनजीओ के सदस्य) छातीबहार गांव पहुंचे थे।

वे ग्रामीणों के बीच कपड़े और अन्य सामग्री बांटने की बात कहकर गांव में आए थे। सामग्री वितरण के बाद एनजीओ के सदस्यों ने गांव के बच्चों को जंगल में बने ऐतिहासिक शैलचित्र, पहाड़ और प्राकृतिक स्थल दिखाने के लिए साथ चलने को कहा। बच्चे उन्हें रास्ता दिखाने और घुमाने के लिए जंगल के भीतर चले गए। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें 8 वर्षीय मुकेश कोरवा और 13 वर्षीय सोनू कोरवा बुरी तरह जख्मी हो गए।

👦 छोटे भाई की जान बचाने भालू से भिड़ा बड़ा भाई: एनजीओ के सदस्यों पर लगा मौके से भागने का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि भालू ने सबसे पहले 8 साल के छोटे बच्चे मुकेश पर झपट्टा मारा था।

अपने छोटे भाई को मौत के मुंह में जाता देख 13 साल का बड़ा भाई सोनू कोरवा बिना डरे भालू से भिड़ गया। दोनों भाइयों और भालू के बीच हुए इस संघर्ष में दोनों मासूम बुरी तरह जख्मी हो गए। बड़े भाई सोनू की हालत फिलहाल स्थिर है, जबकि छोटे भाई मुकेश कोरवा के सिर में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि मौके पर एनजीओ के वयस्क लोग भी मौजूद थे, लेकिन वे बच्चों को बचाने के बजाय जान बचाकर भाग खड़े हुए, जिसे लेकर बाद में गांव में काफी हंगामा भी हुआ।

🏥 सिर में अंदरूनी चोट की आशंका: डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद रायपुर किया रेफर

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि भालू के हमले में घायल मुकेश कोरवा को जब अस्पताल लाया गया, तो उसकी स्थिति काफी चिंताजनक थी।

सर्जरी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लगने की आशंका है। हालांकि फिलहाल उसकी स्थिति को स्थिर कर लिया गया है, लेकिन सिर की चोट बेहद संवेदनशील होने के कारण बेहतर न्यूरो और विशेषज्ञ इलाज के लिए उसे तत्काल हायर सेंटर (रायपुर) रेफर कर दिया गया है।

🚓 वन विभाग और पुलिस ने शुरू की जांच: बिना अनुमति जंगल ले जाने वाले एनजीओ की तलाश तेज

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया है।

वन विभाग के एसडीओ सूर्यकांत सोनी ने बताया कि वन विभाग की टीम मामले की गहनता से जांच कर रही है। इसके साथ ही उन एनजीओ सदस्यों की पहचान की जा रही है, जो बिना किसी पूर्व सूचना, वन विभाग की अनुमति या सुरक्षा इंतजामों के मासूम बच्चों को घने जंगल के भीतर ले गए थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संकट के समय बच्चों को लावारिस छोड़कर भागने वाले एनजीओ सदस्यों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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