रांची। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के मगध क्षेत्र में कोयला चोरी और अवैध निकासी के खिलाफ सीआईएसएफ (CISF) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।
सीआईएसएफ यूनिट मगध-अमरपाली और एनके पिपरवार के जवानों की संयुक्त टीम ने पुलबसिया साइडिंग के पास छापेमारी कर करीब 200 टन अवैध कोयला जब्त किया है।
🛡️ तैनाती के तुरंत बाद सीआईएसएफ का बड़ा एक्शन: कोयला माफिया में मचा हड़कंप
सीआईएसएफ की ओर से मगध और अमरपाली कोयला क्षेत्रों में औपचारिक रूप से तैनाती के बाद यह पहली बड़ी और प्रभावी कार्रवाई मानी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि इस क्षेत्र में सीआईएसएफ की तैनाती हाल ही में 19 सितंबर 2026 को की गई थी। तैनाती के मात्र कुछ ही दिनों के भीतर सुरक्षाबलों ने कोयले के अवैध उठाव और लीकेज के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में कोयले का जखीरा बरामद किया, जिससे अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।
🔍 गुप्त सूचना के आधार पर हुई छापेमारी: पुलबसिया साइडिंग के पास मिला कोयले का अवैध भंडारण
सीआईएसएफ अधिकारियों द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि पुलबसिया साइडिंग के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कोयला इकट्ठा कर उसका भंडारण किया जा रहा है।
सूचना की पुष्टि होते ही सीआईएसएफ के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी की और मौके से लगभग 200 टन कोयला जब्त कर लिया।
⛓️ ‘जीरो कोल लीकेज पॉलिसी’ के तहत कड़ी निगरानी: सीसीएल परिसंपत्तियों की सुरक्षा रहेगी प्राथमिकता
सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ‘जीरो कोल लीकेज पॉलिसी’ (Zero Coal Leakage Policy) के तहत कोयले की चोरी, अवैध परिवहन और अनधिकृत निकासी पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है।
इसके लिए क्षेत्र के सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है। मगध-अमरपाली क्षेत्र सीसीएल के सबसे प्रमुख और उच्च उत्पादन वाले कोयला क्षेत्रों में से एक है, जहाँ से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कोयले का परिवहन होता है। सीआईएसएफ ने दोहराया है कि राष्ट्रीय संपत्ति और सीसीएल की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
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