Jantar Mantar Protest: दिल्ली में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ MCIM का बड़ा प्रदर्शन, कई सांसद होंगे शामिल
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर 29 सितंबर को ‘मॉनिटरिंग कमेटी फॉर इंडियन मुस्लिम्स’ (MCIM) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है।
आयोजकों द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन दोपहर 3:00 बजे से प्रारंभ होगा। इस प्रदर्शन के मुख्य एजेंडे में धार्मिक स्थलों और मस्जिदों पर कथित हमलों की रोकथाम, मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली में कथित विसंगतियों तथा समाज के कमजोर व हाशिए पर रहने वाले जातीय एवं सामाजिक वर्गों के खिलाफ हो रही हिंसा के मामलों को प्रमुखता से उठाना शामिल है।
आयोजन समिति का कहना है कि इस लोकतांत्रिक प्रदर्शन के माध्यम से सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के समक्ष समुदाय से जुड़ी गंभीर चिंताओं और मांगों को मजबूती के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जंतर-मंतर व आसपास के मार्गों पर चाक-चौबंद सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यापक तैयारी की है।
👥 विपक्षी सांसद और प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल: मंच पर जुटेंगे कई बड़े नेता
प्रदर्शन में भाग लेने वाले प्रमुख जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता:
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संसद सदस्यों की उपस्थिति: कार्यक्रम में संभल से सांसद जियाउर रहमान बर्क, रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी, सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद तथा आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के शामिल होने की पुष्टि की गई है।
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प्रमुख संगठन व सामाजिक प्रतिनिधि: जमात-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी, आईएमसीआर (IMCR) के मोहम्मद अदीब, पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली और पूर्व बसपा सांसद सलीम अंसारी भी मंच साझा करेंगे।
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बुद्धिजीवी और मानवाधिकार कार्यकर्ता: जाने-माने शिक्षाविद प्रोफेसर अपूर्वानंद, कांग्रेस (AICC) की नेशनल कोऑर्डिनेटर मीनाक्षी सिंह, जमात-ए-इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मलिक मोहतसिम खान, मुफ्ती अताउर रहमान कासमी तथा वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता जॉन दयाल के भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का कार्यक्रम तय है।
🗳️ SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल: पारदर्शिता की मांग
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उपजे विवाद के मुख्य बिंदु:
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देशभर में उठ रहे विरोध के स्वर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा तीखा विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
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पारदर्शिता और सत्यापन पर जोर: प्रदर्शनकारी संगठनों का स्पष्ट आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्ष सत्यापन प्रोटोकॉल का पालन किया जाना आवश्यक है, ताकि किसी भी समुदाय विशेष के मतदाताओं को असुविधा न हो।
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पात्र मतदाताओं के नाम कटने की आशंका: विपक्षी दलों और आयोजकों ने यह गंभीर चिंता व्यक्त की है कि सत्यापन प्रक्रिया की आड़ में किसी भी वास्तविक और पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया नहीं जाना चाहिए।
⚖️ निर्वाचन आयोग का रुख: सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने का दावा
प्रशासनिक स्थिति और आयोग का पक्ष:
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आयोग का आधिकारिक स्पष्टीकरण: दूसरी ओर, भारत निर्वाचन आयोग का स्पष्ट मत है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का एकमात्र उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और पूरी तरह अद्यतन बनाना है, जिससे फर्जी नामों को हटाया जा सके।
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संबंधित पक्षों के साथ संवाद: आयोग ने इस बात को भी रेखांकित किया है कि प्रक्रिया को लेकर विभिन्न पक्षों द्वारा उठाई गई आपत्तियों और सुझावों पर समय-समय पर विचार-विमर्श किया जाता रहा है।
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राजनीतिक घमासान जारी: इसके बावजूद, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और एसआईआर के तौर-तरीकों को लेकर विपक्षी खेमे और नागरिक संगठनों के बीच अविश्वास और मतभेद लगातार बने हुए हैं।
जंतर-मंतर पर कल होगा प्रदर्शन
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