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Karnal ACB Action: करनाल में नगर निगम का क्लर्क 5 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने के मांगे थे पैसे

करनाल (हरियाणा): भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने करनाल में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने करनाल नगर निगम कार्यालय में छापा मारकर एक क्लर्क को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।

गिरफ्तार किए गए नगर निगम के क्लर्क की पहचान गौरव राणा के रूप में हुई है। आरोपी क्लर्क आम नागरिक से प्रॉपर्टी आईडी (Property ID) में नाम की त्रुटि को दुरुस्त करने की एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। सरकारी दफ्तर में हुई इस गिरफ्तारी के बाद नगर निगम कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

📝 प्रॉपर्टी आईडी में नाम सुधारने के बदले मांगी थी घूस: पीड़ित ने की थी ACB से शिकायत

शिकायत और रिश्वतखोरी का पूरा मामला:

  • गलती ठीक कराने पहुंचा था पीड़ित: शिकायतकर्ता नागरिक ने बताया कि उसकी प्रॉपर्टी आईडी में नाम संबंधी लिपिकीय त्रुटि (गलती) हो गई थी, जिसे ठीक कराने के लिए वह लगातार नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रहा था।

  • क्लर्क ने रखी रिश्वत की शर्त: नगर निगम में तैनात क्लर्क गौरव राणा ने पीड़ित का वैध काम नियमानुसार करने के बजाय फाइल आगे बढ़ाने और नाम सुधारने के एवज में सीधे 5 हजार रुपये घूस की मांग रख दी।

  • एसीबी को दी लिखित शिकायत: क्लर्क द्वारा लगातार परेशान किए जाने और रिश्वत मांगने से तंग आकर पीड़ित ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के करनाल कार्यालय में संपर्क साधा और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

💼 ACB ने बिछाया जाल: केमिकल लगे नोट लेते ही रंगे हाथों पकड़ा गया क्लर्क

ट्रैप और कानूनी कार्रवाई का विवरण:

  • रणनीति बनाकर किया ट्रैप: शिकायत का प्रारंभिक सत्यापन करने के बाद एसीबी की विशेष टीम ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में क्लर्क को पकड़ने के लिए पुख्ता जाल (ट्रैप) बिछाया।

  • रंगे हाथों गिरफ्तारी: निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता जैसे ही केमिकल युक्त 5 हजार रुपये की नकदी देने क्लर्क के पास पहुंचा, आरोपी गौरव राणा ने रुपये अपनी जेब में रख लिए। उसी समय पास में मुस्तैद एसीबी की टीम ने दबिश देकर उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

  • रिश्वत की राशि बरामद: टीम ने आरोपी क्लर्क के हाथ धुलवाए तो केमिकल का रंग सामने आ गया, जिसके बाद उसके पास से रिश्वत के रूप में लिए गए 5 हजार रुपये के नोट सकुशल बरामद कर लिए गए।

  • मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू: एसीबी की टीम ने आरोपी क्लर्क को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और विभागीय मिलीभगत की आगे की जांच शुरू कर दी है।

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