Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
स्व. हरगोविंद अग्रवाल को नमन करते हुए प्रेस क्लब ने आयोजित की श्रद्धांजलि सभा मीडिया कर्मियों के लिए स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा सुरक्षा *योजना के प्रारूप पर आज से सुझाव आमंत्रि... National Unity Day 2026: सरदार पटेल जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान, वैश्विक ऊर्जा संकट और द... Alwar News: राजस्थान के अलवर में उपसरपंच चुनाव के दौरान भारी बवाल, ग्रामीणों के पथराव में डीएसपी देश... Noida Police Encounter: नोएडा में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, 50 हजार का इनामी बदमाश अमन उर्फ म... Bihar MLC Election Results: बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद बीजेपी को मिली बड़ी मजबूती, दो निर्दलीय ए... Sultanpur School Lift Collapse: सुल्तानपुर के जीडी गोयनका स्कूल में टूटी लिफ्ट, जनगणना ट्रेनिंग ले र... Rahul Gandhi on CEC Gyanesh Kumar: 'इंडिया' गठबंधन के जन महाभियोग कार्यक्रम में राहुल गांधी का बड़ा ... Filmmaker Sanjay Gupta Passes Away: 'काबिल' और 'शूटआउट एट वडाला' फेम निर्देशक का अचानक हुआ निधन, वर्... जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया के माध्यम से पत्रकार निधि राजदान के साथ अपन...

Moradabad GST Fraud: मुरादाबाद में 90 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा, बोगस फर्मों और फर्जी ई-वे बिल के जरिए कर चोरी का भंडाफोड़

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और कर चोरी पर पूरी तरह लगाम लगाने के उद्देश्य से मुरादाबाद में जीएसटी विभाग तथा इंफोर्समेंट इकाइयों द्वारा एक बहुत ही कड़ा अभियान चलाया जा रहा है। शासन स्तर पर स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी ईमानदार और मेहनती व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए, परंतु फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी करने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसी प्रतिबद्धता के तहत विभाग द्वारा लगातार औचक निरीक्षण और तकनीकी सर्विलांस का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

‘जीएसटी प्राइम’ डेटा विश्लेषण से हुए कई चौंकाने वाले खुलासे, कागजों पर दौड़ रही थीं फर्जी फर्में

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मुरादाबाद जोन के अंतर्गत आने वाली कुल 12 इंफोर्समेंट इकाइयों ने आधुनिक तकनीकी सॉफ्टवेयर ‘जीएसटी प्राइम’ की मदद से उपलब्ध डेटा का बेहद बारीकी से विश्लेषण किया, जिसके परिणाम बेहद चौंकाने वाले रहे हैं। विभागीय जाँच में यह तथ्यात्मक खुलासा हुआ है कि कई ऐसी फर्में धरातल पर बिना किसी वैध व्यापारिक गतिविधि के केवल कागजों पर ही संचालित हो रही थीं, और वे अवैध रूप से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाकर सरकारी राजकोष को करोड़ों रुपए का चूना लगा रही थीं।

महज दो दिनों में जारी किए गए 35 वाहनों के फर्जी ई-वे बिल, बोगस फर्मों से जुड़ा था पूरा नेटवर्क

गहन छानबीन के दौरान कर अधिकारियों के संज्ञान में आया कि हिंडन, बिहार और गाजियाबाद क्षेत्र की कुछ संदिग्ध फर्मों द्वारा मात्र दो दिनों के भीतर कुल 35 वाहनों के नाम पर फर्जी ई-वे बिल जारी कर दिए गए थे। इन तमाम फर्मों की इनवर्ड सप्लाई पूरी तरह से बोगस और पहले ही रद्द की जा चुकी कंपनियों से जुड़ी पाई गई, जिन्होंने न तो दिल्ली और न ही उत्तर प्रदेश की सीमाओं के भीतर किसी प्रकार का वास्तविक कर जमा कराया था। मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर और अमरोहा की सक्रिय टीमों को अलर्ट करते हुए विभाग ने इनमें से 6 वाहनों को रास्ते में ही रोककर अपने कब्जे में ले लिया है। अब तक की पड़ताल से यह बात सामने आई है कि इन तीनों फर्मों द्वारा लगभग 90 करोड़ रुपए की आउटवर्ड सप्लाई दर्शाई जा चुकी है, जबकि उनकी कुल खरीद (इनवर्ड) पूरी तरह से फर्जी और अस्तित्वहीन इकाइयों से दिखाई गई थी।

मेटल स्क्रैप और लेड इंगट कारोबार में भी सामने आया फर्जीवाड़ा, वाहन मूवमेंट शून्य मिलने पर कसा शिकंजा

इसके अतिरिक्त, धातु कबाड़ (मेटल स्क्रैप) तथा लेड इंगट के व्यापार से जुड़ी एक अन्य ‘ग्लोबल’ नाम की फर्म की जब गहराई से जाँच की गई, तो उसका वाहन मूवमेंट पूरी तरह से शून्य (नो मूवमेंट) पाया गया। कागजों में माल का आना दिल्ली से मुरादाबाद दर्शाया गया था, जबकि वास्तविकता में संबंधित वाहन हरियाणा, बिहार या अन्य दूसरे राज्यों में मौजूद थे। यह पूरा खेल केवल आईटीसी का अवैध लाभ उठाने और सरकारी राजस्व को हड़पने का एक सुनियोजित ढोंग मात्र था। विभाग ने ऐसी तमाम करवंचना करने वाली फर्मों की पूरी सूची तैयार कर उनकी पहचान पुख्ता कर ली है।

सीजीएसटी मामलों को संबंधित आयुक्त को सौंपा गया, दोषी फर्म का पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू

इस पूरे प्रकरण में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के दायरे में आने वाले मामलों को संबंधित आयुक्त के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके साथ ही, मुरादाबाद की इस दोषी फर्म के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत धारा 21(ई) के अंतर्गत उसका जीएसटी पंजीकरण स्थायी रूप से निरस्त करने की प्रशासनिक प्रक्रिया भी आधिकारिक तौर पर आरंभ कर दी गई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.