March 14, 2026 6:51 pm
ब्रेकिंग
Dattatreya Hosabale on Sant Ravidas: संत परंपरा में श्री रविदास का स्थान अद्वितीय, दत्तात्रेय होसबाल... "अब नहीं डूबेगी दिल्ली!"—CM रेखा गुप्ता ने शुरू किया ड्रेनेज रीमॉडलिंग प्रोजेक्ट; मानसून से पहले जलभ... "सिंहस्थ 2028 में जूना अखाड़े के साथ शाही स्नान करेगा किन्नर अखाड़ा"—महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण का उ... LPG Crisis in India: शिरडी से जम्मू तक गैस की भारी किल्लत, सप्लाई चेन ठप होने से बढ़ी मुसीबत; जानें ... दिल्ली में जनजातीय कला का जलवा! 12 दिनों में बिकीं ₹1.25 करोड़ की कलाकृतियाँ; ट्राइब्स आर्ट फेस्ट का... PM Modi Kolkata Rally: बंगाल में अब 'महाजंगलराज' नहीं चलेगा—PM मोदी; ब्रिगेड ग्राउंड से ममता सरकार क... Nitish Kumar Security Breach: बेगूसराय में सीएम नीतीश की सुरक्षा में चूक, हेलीपैड कैंपस में घुसा सां... मुख्यमंत्री सेहत योजना ने बचाई जान! मोहाली की महिला का हुआ फ्री हार्ट ऑपरेशन; ₹4 लाख का खर्च सरकार न... Israel-Lebanon War: लेबनान पर हमले की तैयारी में इजराइल, हिजबुल्लाह के ठिकानों को खत्म करने का पूरा ... PM Modi in Silchar: असम से पीएम मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला, कहा- पूर्वोत्तर के साथ हुआ सौतेला व्यव...
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 13 दिनों में नौ दवाओं के बैच मिले अमानक, अब पैकिंग पर बार कोड लगाना अनिवार्य

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सप्लाई हो रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। बीते 13 दिनों में जांच के दौरान नौ दवाओं के बैच अमानक मिले हैं। स्वास्थ्य संस्थानों से इन्हें वापस मंगाकर अस्थायी रूप से रोक लगाई गई है। तीन दवाओं पर तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है और कंपनियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। संभवत: हर माह दवाओं के बैच अमानक मिल रहे हैं। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) ने दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है।

अब दवा कंपनियों को अपनी दवाओं की पैकिंग (कार्टन) पर क्यूआर कोड (जीएस-1 सिस्टम) लगाना अनिवार्य होगा। इस कोड को स्कैन करते ही दवा का नाम, निर्माण कंपनी, निर्माण तिथि, बैच नंबर, लाइसेंस डिटेल और एक्सपायरी डेट की पूरी जानकारी मोबाइल पर दिखाई देगी। सीजीएमएससी के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था करीब 1,800 प्रकार की दवाओं पर लागू की गई है और इसे कॉर्पोरेशन की ई-टेंडर नीति में भी शामिल किया गया है।

नई प्रणाली से नकली, अमानक और एक्सपायरी दवाओं की सप्लाई पर रोक लगेगी तथा दवा वितरण और स्टाक प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी। दवा कंपनियां स्वयं उत्पादों पर कोडिंग का कार्य करेंगी। यह पहल राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ये दवाएं मिली हैं अमानक

महासमुंद जिले के तीन अस्पतालों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से तीन माह के लिए बाहर कर दिया गया है। इन अस्पतालों में महासमुंद का महानदी, पिथौरा का सेवा भवन और सरायपाली का अंबिका अस्पताल शामिल है। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई नागेश्वर राव ने बताया कि तीन अस्पतालों को योजना से निलंबित करदिया गया है।

योजना अंतर्गत पंजीकृत चिकित्सालयों में पात्रता अनुसार मरीजों को निर्धारित पैकेज के तहत निश्शुल्क इलाज दिया जाता है। यदि कोई अस्पताल आयुष्मान कार्ड से निश्शुल्क इलाज करने से मना करता है, तो इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 104 पर या लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय व खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में की जा सकती है।

ये दवाएं मिली हैं अमानक

  • कैल्शियम (एलिमेंटल) विद विटामिन डी-थ्री टैबलेट और एलबेंडाजोल टैबलेट
  • हेपारिन सोडियम आइयू/एमएल इंजेक्शन आईपी
  • बैक्लोफेन 10 एमजी टैबलेट
  • आयरन सुक्रोज 100 एमजी इंजेक्शन
  • मेटफार्मिन 500 एमजी और ग्लैमपिराइड दो एमजी सस्टेंड रिलीज टैबलेट
  • ओफ्लैक्सासीन और ओर्निडजोल

Related Articles

Back to top button