February 23, 2026 7:45 pm
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
पंजाब

PUNBUS का सुपरिंटेंडेंट रंगे हाथों काबू, कारनामा जान आप भी रह जाएंगे दंग

जालंधर/चंडीगढ़: पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब विजिलैंस ब्यूरो ने सैक्टर 17, चंडीगढ़ स्थित डायरैक्टर स्टेट ट्रांस्पोर्ट-कम-एमडी पनबस के कार्यालय में तैनात सुपरिंटैंडैंट जगजीवन सिंह को 20,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इस संबंधी जानकारी देते हुए विजिलैंस ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमृतसर जिले के गांव धरड़ के निवासी और एक निजी ट्रांसपोर्टर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद आरोपी सुपरिंटेंडेंट को गिरफ्तार किया गया है।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि उक्त आरोपी सुपरिंटेंडेंट  विभाग के पास उसकी (शिकायतकर्त्ता) 2 लाख रुपए की सिक्योरिटी जमा राशि जारी करने की मंजूरी देने के लिए 5,000 रुपए प्रति बस (कुल 20,000 रुपए) की मांग कर रहा था। शिकायतकर्त्ता ने मांग के ठोस सबूत के तौर पर रिकॉर्ड की गई बातचीत को पेश किया। शिकायत के अनुसार रिफंड का पैसा शिकायतकर्त्ता की चार बसों से संबंधित है, जिन्हें वर्ष 2014 से 2020 के बीच किलोमीटर स्कीम के तहत पनबस को लीज पर दिया गया था।

आवश्यक दस्तावेज जमा करने और मई 2023 में डिपो मैनेजर, अमृतसर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एन.ओ.सी.) प्राप्त करने के बावजूद, उनकी फाइल को जानबूझकर तीन साल से छोटे-मोटे बहानें बनाकर देरी की गई थी। प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, विजिलैंस ब्यूरों की फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने एक जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी सुपरिंटेंडेंट  को उसके कार्यालय के बाहर दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 20000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

Related Articles

Back to top button