March 14, 2026 4:11 pm
ब्रेकिंग
LPG Crisis in India: शिरडी से जम्मू तक गैस की भारी किल्लत, सप्लाई चेन ठप होने से बढ़ी मुसीबत; जानें ... दिल्ली में जनजातीय कला का जलवा! 12 दिनों में बिकीं ₹1.25 करोड़ की कलाकृतियाँ; ट्राइब्स आर्ट फेस्ट का... PM Modi Kolkata Rally: बंगाल में अब 'महाजंगलराज' नहीं चलेगा—PM मोदी; ब्रिगेड ग्राउंड से ममता सरकार क... Nitish Kumar Security Breach: बेगूसराय में सीएम नीतीश की सुरक्षा में चूक, हेलीपैड कैंपस में घुसा सां... मुख्यमंत्री सेहत योजना ने बचाई जान! मोहाली की महिला का हुआ फ्री हार्ट ऑपरेशन; ₹4 लाख का खर्च सरकार न... Israel-Lebanon War: लेबनान पर हमले की तैयारी में इजराइल, हिजबुल्लाह के ठिकानों को खत्म करने का पूरा ... PM Modi in Silchar: असम से पीएम मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला, कहा- पूर्वोत्तर के साथ हुआ सौतेला व्यव... अरब देशों में 'जंग' का साया! सुरक्षित भविष्य के लिए लाखों भारतीयों ने छोड़ीं नौकरियां; सूनी होने लगीं... सोनम वांगचुक आज़ाद! 6 महीने बाद हटा NSA, केंद्र सरकार ने अचानक क्यों बदला अपना फैसला? जानें हिरासत रद... Kolkata Violence: पीएम मोदी की रैली से पहले भारी बवाल, मंत्री शशि पांजा के आवास पर हमला; TMC-BJP कार...
पंजाब

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने जमकर किया रोष प्रदर्शन, जानें पूरा मामला

गुरदासपुर : स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने अपनी जायज मांगों को पूरा करने तथा सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए राज्य यूनियन द्वारा बनाए गए विरोध कार्यक्रम के अनुसार हड़ताल की। इस दौरान सभी कर्मचारियों ने डाकखाना चौक पर पंजाब सरकार का पुतला फूंका तथा जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान भीषण गर्मी के बावजूद नेताओं ने शहर में रोष मार्च निकाला ।

जिला गुरदासपुर के नेता गुरप्रीत सिंह, डॉ. विक्रम सूरी, अमनदीप सिंह, गौरव शर्मा, प्रवीण शर्मा, वरिंदर कौर, परमजीत सिंह, प्रदीप आदि ने कहा कि चुनावों से पहले वादा किया गया था कि सरकार बनने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत काम कर रहे सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। लेकिन अब सरकार के तीन साल बीत चुके हैं। लेकिन एनएचएम के तहत काम कर रहे किसी भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है और न ही किसी कर्मचारी के वेतन में कोई सम्मानजनक बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी अपने पदों के अनुसार योग्य हैं और एनएचएम की भर्तियां भी उचित प्रक्रिया के तहत की गई हैं। लेकिन फिर भी कच्चे स्वास्थ्य कर्मचारियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

पिछले तीन सालों में यूनियन के साथ करीब 31 मीटिंग करने के बाद भी सरकार ने यूनियन की एक भी मांग पूरी नहीं की है जिसके चलते एनएचएम यूनियन ने एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी और 15 जून को लुधियाना में एक बड़ी राज्य स्तरीय रोष रैली करने की घोषणा की गई है। उन्होंने आगे बताया कि इस रोष रैली के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों के प्रति पंजाब सरकार के सौतेले व्यवहार को जनता के सामने लाया जाएगा। रैली से एनएचएम कर्मचारी लुधियाना शहर की सड़कों पर मार्च करते हुए फिर से पंजाब सरकार के खिलाफ करीब 10 हजार पर्चे बांटेंगे।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से लोगों को होने वाली असुविधा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी क्योंकि अपनी जायज मांगों के लिए हड़ताल पर जाना स्वास्थ्य कर्मचारियों की मजबूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा के पिछले सत्रों के दौरान भी पंजाब सरकार ने राज्य के कच्चे कर्मचारियों के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जहां आम लोगों को अच्छी सेहत सुविधाएं देने के बड़े-बड़े वादे करती है, वहीं सेहत विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग में राष्ट्रीय सेहत मिशन के कर्मचारियों का पंजाब सरकार द्वारा शोषण किया जा रहा है। इस अवसर पर गुरदासपुर जिले से सूरज प्रकाश, विकास जोएल, दिलराज कौर, डॉ. आरती, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. गगन, सतीश कुमार, अनीता, अमनदीप कौर, सिमरनजीत कौर, अश्विनी व अन्य ब्लॉक नेता मौजूद थे।

Related Articles

Back to top button