मध्य प्रदेश के हरदा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है. यहां पुलिस और करणी सैनिकों के बीच जोरदार टकराव हुआ. जिसमें थाना सिटी कोतवाली परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे करणी सैनिकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. करणी सेना का आरोप था कि पुलिस धोखाधड़ी के मामले के एक आरोपी को संरक्षण दे रही है.
बता दें कि हरदा में पैसों के लेनदेन को लेकर करणी सेना कार्यकर्ताओं ने थाना सिटी कोतवाली का घेराव किया. कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पुलिस ने धारा 420 के एक आरोपी को पैसे लेकर संरक्षण दिया है. इसको लेकर करणी सेना के जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत के नेतृत्व में थाने के बाहर प्रदर्शन किया गया.
पुलिस पर गंभीर आरोप
करणी सेना जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी से पैसे लेकर पुलिस उसे बचा रही है. हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने भी सख्ती दिखाई और लाठीचार्ज कर दिया. इस लाठीचार्ज में कुछ कार्यकर्ता घायल हो गए. वहीं पुलिस ने सुनील राजपूत समेत 5 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है.
फिलहाल मामला गरमाया हुआ है, और करणी सेना ने आगे भी आंदोलन की चेतावनी दी है. सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है.
क्या है घटना की वजह?
दरअसल राजपूत समाज के एक व्यक्ति ने इंदौर के एक व्यापारी से 22 लाख में हीरा खरीदा था, जो नकली निकला. फरियादी ने दिसम्बर 2024 में सिटी कोतवाली में 420 का मामला दर्ज करवाया था. इस मामले को लेकर पुलिस ने इंदौर के आरोपित को न्यायालय पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया.
इस दौरान करणी सेना ने सिटी कोतवाली के बाहर पुलिस के साथ बात करनी चाही. जब बातचीत के बाद विवाद बढ़ गया तो पुलिस ने करणी सेना पर लाठी चार्ज कर जिलाध्यक्ष सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर 151 में जेल भेज दिया.
खंडवा बायपास पर लगाया जाम
जिलाध्यक्ष समेत अन्य करणी सैनिकों की गिरफ्तार के विरोध में खंडवा बायपास जाम कर दिया गया. करणी सैनिकों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की.
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