February 23, 2026 10:56 am
ब्रेकिंग
Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ... Crime News: गले पर चाकू और बेटी पर छोड़ा कुत्ता, मां को बचाने थाने पहुंची मासूम बच्ची; पुलिस ने ऐसे ... बड़ी खबर: अदालत के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कड़ा एक्शन, पुलिस ने शुरू की घटनास्...
दिल्ली/NCR

दिल्ली विधानसभा में क्या थमेगा विवाद? ‘फांसी घर’ हटाकर लिखा गया ‘टिफिन कक्ष’

दिल्ली विधानसभा में जिस हिस्से पर पहले ‘फांसी घर’ लिखा था, उसको हटाकर स्पीकर ने ‘टिफिन कक्ष’ लिखवा दिया है. इस बात की जानकारी खुद स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन में चर्चा के दौरान दी. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 9 अगस्त 2022 को इस कथित फांसी घर का उद्घाटन किया था. इससे पहले दिल्ली विधानसभा परिसर में कोई ‘फांसी घर’ न होने पर जोर देते हुए स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा था कि इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाएगा.

उन्होंने कहा, “समिति पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल और पूर्व उपाध्यक्ष राखी बिड़ला को तलब करेगी.”

गुप्ता ने पहले सदन को बताया था कि जिस ढांचे का जीर्णोद्धार और उद्घाटन 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ‘फांसी घर’ के रूप में किया था, वह रिकॉर्ड के अनुसार वास्तव में एक ‘टिफिन घर’ था. स्पीकर ने कहा कि उन्होंने आप को फांसीघर के अस्तित्व के अपने दावों के समर्थन में “ठोस तथ्य और दस्तावेज” पेश करने का समय दिया था, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे.

फांसी घर को लेकर विवाद

उन्होंने सदन को बताया, “फांसीघर के बाहर केजरीवाल और सिसोदिया के नाम वाली पट्टिका हटा दी जाएगी. 1912 का नक्शा जिसमें इसे टिफिन रूम के रूप में दर्शाया गया है, उसे भी प्रदर्शित किया जाएगा.”

गुप्ता ने कहा कि जब पिछली केजरीवाल सरकार ने घोषणा की थी कि वहां एक फांसीघर है, तो उन्होंने इसे शहादत स्थल के रूप में सम्मानित किया था. उन्होंने कहा, “तीन दिनों की चर्चा के बाद, और किसी भी ठोस सबूत के अभाव में, राष्ट्रीय अभिलेखागार, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद और आईजीएनसीए द्वारा प्रदान किए गए दस्तावेजों ने पुष्टि की कि उस स्थल पर कभी कोई फांसीघर नहीं बनाया गया था.”

स्पीकर ने आप पर साधा निशाना

गुप्ता ने कहा, “जब हम विपक्ष में थे, तो हमें विश्वास दिलाया गया था कि यहां एक फांसीघर है. हम भावनात्मक रूप से भी उस स्थल से जुड़े हुए थे.” हालांकि, स्पीकर बनने के बाद उन्होंने गहन शोध किया और पाया कि विचाराधीन संरचना वास्तव में एक टिफिन घर थी, जो “बहुत परेशान करने वाली” बात थी. उन्होंने कहा, “इतिहास को विकृत किया गया और उन्होंने (आप) लोगों की भावनाओं के साथ खेला. यह सब धोखा है. लोग उन्हें इसके लिए माफ नहीं करेंगे.”

Related Articles

Back to top button