February 24, 2026 12:56 am
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... Haryana News: पंचायतों के राडार पर सिंगर मासूम शर्मा, विवादित बयान/गाने को लेकर मचा बवाल, जानें क्या... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता...
मध्यप्रदेश

प्राइवेट पार्ट में एक साथ लगाए इतने इंजेक्शन, मरीज की तड़प-तड़प कर मौत, झोलाछाप डॉक्टर अरेस्ट

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में झोलाछाप डॉक्टर रेखराम साहू की लापरवाही से पाइल्स के मरीज सुभाष कुमार जनबंधु की मौत हो गई। सुभाष मोहला-मानपुर-अंबागढ़ का निवासी था और पिछले 14-15 साल से पाइल्स की बीमारी से जूझ रहा था। वह इलाज के लिए ग्राम कांदुल में रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर रेखराम साहू के पास गया था, जिसने मरीज के परिजनों से 8 हजार रुपए लिए थे।

परिजनों के मुताबिक, 8 मई को रेखराम साहू ने सुभाष को गुदा द्वार में एक साथ 9 इंजेक्शन लगा दिए। इसके बाद 9 मई को मरीज को अधिक ब्लीडिंग और पेट फूलने की समस्या शुरू हुई। परिजन डॉक्टर को कॉल करने पर टालमटोल के बाद मोबाइल बंद कर दिया। स्थिति गंभीर होने पर परिवार ने सुभाष को भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि इंजेक्शन गलत तरीके से लगाए गए थे और लगातार ब्लीडिंग और संक्रमण के कारण 11 मई को सुभाष की मौत हो गई।

जांच में सामने आया कि रेखराम साहू के पास डॉक्टरी डिग्री नहीं थी और उसका छत्तीसगढ़ में कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यागृह, रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 की धारा 12, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 24 और धारा 105 के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने 18 सितंबर को झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि मृतक के पिता की रिपोर्ट पर केस दर्ज किया गया था।

Related Articles

Back to top button