कोरिया: जिले के स्व-सहायता समूहों ने सरस मेला 2025 में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. कोरिया अमृत मोदक और कोरिया अमृत अचार ने स्वाद और गुणवत्ता के दम पर देशभर से आए आगंतुकों का दिल जीत लिया.
सरस मेला में कोरिया का स्वाद: मेले में जिले के दो स्व-सहायता समूहों ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. ज्योति महिला स्व-सहायता समूह ने 200 किलोग्राम से अधिक कोरिया अमृत मोदक की बिक्री कर 88 हजार रुपए की आय अर्जित की. जागृति महिला स्व-सहायता समूह ने 260 किलोग्राम अचार और 36 किलोग्राम पापड़-बड़ी का विक्रय कर एक लाख रुपए से अधिक की आय प्राप्त की.
स्व-सहायता समूहों को प्रशासन से मिल रही मदद: कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि जिले की स्व-सहायता समूहों में काम करने वाली महिलाओं की आर्थिक निर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है. हमारा उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के पारिवारिक और शैक्षणिक वातावरण को भी सशक्त बनाना है.
जिले की स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक विधियों से तैयार किए गए उत्पादों को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचा रही हैं. इससे महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है. महिलाएं अब अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में सक्षम हो रही हैं.
जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि परिवार, समाज और देश के विकास में महिलाओं की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण है. कोरिया जिले की महिलाओं ने सरस मेले में स्थानीय उत्पादों की शानदार बिक्री कर अपनी दक्षता सिद्ध की है. प्रशासन उनकी स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुदृढ़ता के लिए हर संभव प्रयास करेगा.
कोरिया मोदक लड्डुओं से कुपोषण में कमी: बता दें कोरिया में कुपोषण को दूर करने जिला प्रशासन ने पोषण युक्त मोदक लड्डू बांटने का कार्यक्रम शुरू किया गया. इसके लिए लड्डू यूनिट लगाया गया. स्व सहायता समूहों की महिलाएं इस यूनिट में पौष्टिक लड्डू बनाने लगी. ये लड्डू रागी, सत्तू, बाजरा, मूंगफली, तिल, गुड़, इलायची और देसी घी से तैयार कर गर्भवती महिलाओं को बांटा जा रहा है. इन लड्डुओं के शुरू करने से कोरिया में कुपोषण में कमी आई है.