Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
तमिलनाडु में नीट (NEET) पीड़ित अभ्यर्थियों के परिवारों से मिले राहुल गांधी, केंद्र सरकार पर साधा तीख... रोहतास EO विमल कुमार हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, सरकारी ड्राइवर ही निकला हत्यारा केरल में बारिश का कहर! भूस्खलन और फ्लैश फ्लड में 8 की मौत, 8 लापता; 200 से अधिक राहत शिविरों में भेज... प्रयागराज में राहुल गांधी के 'गूंज' छात्र संवाद की तैयारियों के बीच हंगामा! कांग्रेस बैठक में आपस मे... दिल्ली की जेलों में अप्राकृतिक मौत पर मिलेगा 7.5 लाख तक का मुआवजा: दिल्ली सरकार ने अधिसूचित की नई यो... पुणे में आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान परिवार ने किया सुसाइड: माता-पिता और 19 साल की बेटी की मौत, सु... पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में हमले की कोशिश, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समर्थकों ने आरोपी क... उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में शांति रैली के दौरान आत्मघाती हमला, 5 पुलिसकर्मियों सहि... कांकेर में तबाही का एनीकट! महानदी का पानी घुसने से 200 एकड़ खेत डूबे, 10 साल से परेशान बागोड़ के किस... जांजगीर में कान की बाली खोजने बच्चों पर कराया तंत्र-मंत्र: शिक्षिका गीता कुंभकार निलंबित, कलेक्टर के...

BJP ने खरगे परिवार को घेरा: बेटे ने RSS पर बैन मांगा, पिता ने कभी किया था संघ शिविर का दौरा, बयानबाजी पर गरमाई राजनीति

कर्नाटक में मंत्री प्रियांक खरगे द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर सरकारी परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग के बाद राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. अपने पत्र में, ग्रामीण विकास और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने आरोप लगाया कि आरएसएस सरकारी स्कूलों, खेल के मैदानों और मंदिरों में शाखाएं और सभाएं आयोजित करके बच्चों और युवाओं में विभाजनकारी विचार फैला रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री से ऐसे कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया और इन्हें असंवैधानिक और राष्ट्रीय एकता की भावना के विरुद्ध बताया.

इसके तुरंत बाद, कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें वे 2002 में बेंगलुरु के नागवारा में आरएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जब वे राज्य के गृह मंत्री थे.

प्रियांक खरगे पर भाजपा का हमला

कर्नाटक बीजेपी की ओर से सोशल साइट पर साझा की गई तस्वीर के साथ कहा गया, आज, आप कह रहे हैं कि संघ की गतिविधियां, जो आरएसएस के खिलाफ जहर फैलाती हैं, प्रतिबंधित होनी चाहिए, लेकिन क्या आप भूल गए हैं कि 2002 में, बेंगलुरु के नागवारा में आयोजित समरसता संगम कार्यक्रम के दौरान, आपके पिता मल्लिकार्जुन खरगे, जो उस समय गृह मंत्री थे, ने व्यक्तिगत रूप से उस शिविर का दौरा किया था.

उन्होंने लिखा, आरएसएस की सामाजिक सेवा गतिविधियों की सराहना की थी और पूरा सहयोग दिया था? क्या आप आज आलाकमान को खुश करने के लिए नाटक कर रहे हैं? पहले अपने परिवार का इतिहास जानें और फिर राष्ट्र सेवकों की बात करें.

प्रियांग की मांग पर सीएम सिद्धारमैया ने कही ये बात

इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रियांक खरगे ने भाजपा के दावों को “झूठा प्रचार” बताया. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता अधिकारियों और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ एक शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद उस स्थल पर गए थे.

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने प्रियांक खरगे की मांग पर बागलकोट जिले के रबाकवि-बनहट्टी तालुका के बंदिगनी गांव में संवाददाताओं के सवाल पर कहा कि आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध के संबंध में मंत्री प्रियांक खरगे ने एक पत्र लिखा है. उन्होंने मुख्य सचिव को जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने मुख्य सचिव को तमिलनाडु की तरह ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.