February 11, 2026 5:15 am
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छत्तीसगढ़

Surrendered Naxalites Wedding: बंदूक छोड़ थामा हमसफर का हाथ! मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत परिणय सूत्र में बंधे आत्मसमर्पित नक्सली

नारायणपुर : कभी नक्सल हिंसा और भय की पहचान रहे अबूझमाड़ से अब शांति, विश्वास और सामाजिक बदलाव की सुखद तस्वीर सामने आ रही है.नारायणपुर जिले में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम के तहत 166 जोड़ों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ.इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम की खास बात ये रही कि इसमें 7 आत्मसमर्पित नक्सली जोड़े भी शामिल हुए, जिन्होंने नक्सल विचारधारा त्यागकर मुख्यधारा में नए जीवन की शुरुआत की.

आत्मसमर्पित नक्सलियों का सामूहिक विवाह

मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम के आयोजन के दौरान पूरे परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला. पारंपरिक साज-सज्जा, वैदिक मंत्रोच्चार और आदिवासी संस्कृति की झलक ने इस आयोजन को खास बना दिया. जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की.

‘संगठन में परिवार बढ़ाने की नहीं थी इजाजत’

कार्यक्रम में शामिल आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नक्सल संगठन के दौरान उनका विवाह संगठन की अनुमति से जंगलों में हुआ था, जहां केवल संगठन के सदस्य ही शामिल हो पाते थे. उस समय परिवार बढ़ाने और सामान्य पारिवारिक जीवन की अनुमति नहीं थी.

आत्मसमर्पण के बाद सरकार की पुनर्वास नीतियों और योजनाओं से प्रभावित होकर हमने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया और आज पूरे गांव, समाज और परिवार की मौजूदगी में विवाह बंधन में बंधे- पुनर्वासित नक्सली

पारंपरिक नृत्य करके जताई खुशी

आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सरकार की आत्मसमर्पण नीति, पुनर्वास योजनाओं और विकास कार्यों की खुलकर सराहना की.विवाह के बाद आत्मसमर्पित जोड़ों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी. डीजे में बज रहे आदिवासी गीतों की धुन पर उन्होंने पारंपरिक नृत्य कर अपनी खुशी का इजहार किया, जो बदलते अबूझमाड़ का सशक्त संदेश दे रहा था.

आत्मसमर्पित नक्सलियों का सामूहिक विवाह करवाया गया है.मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 166 जोड़ों के साथ 7 नक्सली जोड़े परिणय सूत्र में बंधे हैं-नारायण मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष

लाइवलीहुड में विशेष प्रशिक्षण ले रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सरकार की योजनाओं से प्रभावित होकर हथियार डाले हैं.अब वो अपना परिवार भी बसाना चाहते हैं.ट्रेनिंग ले रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों ने हमसे संपर्क किया और विवाह की इच्छा जताई.जिसके बाद हमने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी.प्रशासन ने नक्सलियों के फैसले का स्वागत किया और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 7 जोड़ों का विवाह हुआ- लुपेंद्र महिलांगे , महिला एवं बाल विकास अधिकारी

अबूझमाड़ में लिखी जा रही नई कहानी

मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम के माध्यम से नारायणपुर और अबूझमाड़ में सामाजिक बदलाव की एक मजबूत तस्वीर सामने आई है. नक्सल प्रभाव के कमजोर पड़ने के साथ ही शांति, विकास और विश्वास की नई इबारत लिखी जा रही है. आत्मसमर्पित नक्सली आज हथियार छोड़कर परिवार, समाज और गांव के साथ नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं. यह आयोजन न केवल सामूहिक विवाह का कार्यक्रम रहा, बल्कि बदलते अबूझमाड़ और शांत भविष्य की उम्मीद का प्रतीक भी बनकर सामने आया है.

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