Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Waqf Amendment Act: वक्फ संपत्तियों को कानूनी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज; 30 जून तक पूरा करें रिक... Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की बड़ी मॉक र... हरिद्वार: बीमार पत्नी की संदिग्ध मौत का खुलासा, दवा के नाम पर जहर देकर की पति ने हत्या Jabalpur Crime News: फेसबुक पर हिंदू नाम रखकर की दोस्ती, फिर धर्म परिवर्तन और तस्करी की कोशिश; मामला... खंडवा: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला, 8 वनकर्मी घायल; वर्दी फाड़ने और पथराव का वीडियो वा... Muzaffarpur Crime News: अवैध संबंध के शक में छोटे भाई ने की बड़े भाई की हत्या, जांता से कुचलकर उतारा... Delhi E-Office System: दिल्ली सरकार में ई-ऑफिस का एक साल पूरा; फाइलों का निस्तारण हुआ तेज और पारदर्श... Plane Crash News: फ्रांस और सऊदी अरब में दो बड़े विमान हादसे, कुल 25 लोगों की दर्दनाक मौत Bank Holidays in July 2026: जुलाई में कब-कब बंद रहेंगे बैंक? देखें पूरी लिस्ट और जरूरी तारीखें Reasi Road Accident: जम्मू-कश्मीर में CISF जवानों की बस दुर्घटनाग्रस्त; 9 लोग घायल, 3 की हालत गंभीर

धर्मनगरी कोतबा में महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सैलाब: अद्भुत रही शिव बारात की झांकी, फूलों की होली और भस्म आरती के साथ संपन्न हुआ शिव विवाह

कोतबा: धर्मनगरी कोतबा में महाशिवरात्रि का पर्व अपार श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया गया। नगर के प्रसिद्ध सतीघाट शिव मंदिर धाम में तीन दिवसीय (14 से 16 फरवरी 2026) महोत्सव के दौरान पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। 15 फरवरी, रविवार को मुख्य आयोजन में ब्रह्ममुहूर्त में भस्म आरती से लेकर देर रात तक चले शिव विवाह और फूलों की होली ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महाशिवरात्रि पर्व पर नगर के प्रसिद्ध दार्शनिक और भगवान शिव मंदिर में गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन कर जलाभिषेक करने भोर से ही भक्तों का तांता लगा रहा।जहां सुबह से क्षेत्रभर के हजारों की संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुचे। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार तड़के 4 बजे भगवान गुप्तेश्वर महादेव की भव्य और अलौकिक भस्म आरती की गई। इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बनने के लिए भोर से ही भक्तों का तांता लगा रहा। आरती के पश्चात सुबह 5 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए जलाभिषेक प्रारंभ हुआ। रायगढ़ और जशपुर जिले सहित बागबहार, गोलियागड़, फरसाटोली, महुआडीह आदि क्षेत्रों से हजारों की संख्या में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने नयनसुख भैवनी नदी के तट पर स्थित सतीघाट धाम में जलाभिषेक किया। भक्तगण फूल, दूध, बेलपत्र आदि लेकर मंदिर पहुंचने लगे थे। जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग व युवा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुये। महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर को विशेष साज सज्जा कर सजाया गया है जिससे पहुँचने वाले भक्तों आकर्षण का केंद्र बना रहे। शिवालयों में भगवान शिव का दूध, जल आदि से अभिषेक किया गया। इस दौरान ओम नमः शिवाय के जयकारे से शिवालय गूंजते रहे। भक्तों ने भोले बाबा के भव्य भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन का लाभ लिया। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना होती है। महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव के पूजा का विशेष महत्व है। जिसके चलते दूर दराज के भक्तगण कतार में सुबह से ही भगवान शिव के दर्शन व पूजन के लिए शिवालयों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया नगर के वार्ड क्रमांक 1 में स्थित सतिघाट धाम शिव मंदिर में सुबह चार बजे से ही भक्त भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना के लिए पहुंचने लगे थे। महादेव का अभिषेक के बाद भक्तों ने विधि-विधानपूर्वक पूजा अर्चना की। दिनभर मंदिर में भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते रहे। मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना के लिए पहुंचे भक्तों ने बताया कि सतिघाट शिव धाम में भगवान शिव की पूजा कर आत्मीय शांति मिलती है।वे हर विशेष अवसर पर लोग यहां पूजा अर्चना करने पहुचते है। जिसके चलते वे व्रत रखकर मंदिर आकर भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं। मंदिर के पूजारी पंडित सुदामा शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। भगवान शिव की पूजा करने से सभी प्रकार की मनोकामना पूरी होती है।भगवान शिव का जल, दूध, नैवेद्य से अभिषेक करना चाहिए। भगवान शिव को विषैले पुष्प प्रिय हैं, इसलिए धतुरा, मदार व बेल पत्र आदि भगवान शिव को अर्पण कराना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर्व में भगवान शिव माता पार्वती के साथ पृथ्वी पर आकर मंदिरों में वास करते हैं, जिसके कारण भगवान की शिव पूजा का विशेष महत्व होता है।


*​नगर भ्रमण पर निकली भोले बाबा की बारात*

समारोह का मुख्य आकर्षण शाम 5 बजे बाबा श्याम मंदिर प्रांगण से निकाली गई शिव बारात रही। बाजे-गाजे और डीजे की धुन पर थिरकते भक्तों के साथ, आकर्षक रथ कार पर सवार दूल्हा स्वरूप भोलेनाथ की झांकी नगर भ्रमण के लिए निकली। बारात बस स्टैंड, भगवान परशुराम चौक होते हुए सतीघाट शिव धाम पहुंची। बारात में भक्तगण महिलाओं बहनों और नन्हें-मुन्हें बच्चों ने “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। सड़क के दोनों ओर खड़े हजारों श्रद्धालुओं ने बारात का भव्य स्वागत किया।

*​अलौकिक श्रृंगार और शिव-पार्वती विवाह*

सतीघाट पहुंचने पर बारात के स्वागत और जलपान के पश्चात मंदिर पुजारी पं. सुदामा शर्मा और पं. धीरज शर्मा के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिव-पार्वती का विवाह संपन्न कराया गया। शिव जी ने माता पार्वती को और माता पार्वती ने शिव जी को वरमाला पहनाई। इस दौरान भगवान का अंगूर, केला, लड्डू और मिठाइयों से अलौकिक श्रृंगार किया गया था। शाम को 1100 दीपकों के साथ पूरे घाट पर दीपदान किया गया, जिससे सतीघाट दीयों की रोशनी से जगमगा उठा।

*​फूलों की होली और भजन संध्या*

महाआरती के बाद भव्य संगीतमय फूलों की होली खेली गई, जिसने ब्रज की याद दिला दी। रात्रि में आयोजित भजन संध्या में ‘श्याम श्री राम भजन मंडली’ के गायक विजय साहू और नरेंद्र बंजारा ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का वितरण किया गया और पूरी रात अखंड रामचरितमानस का पाठ चलता रहा। 16 फरवरी, सोमवार को सुबह हवन और पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय महोत्सव का समापन हुआ।

*​सतीघाट की पौराणिक मान्यता*

स्थानीय बुजुर्गों और जानकारों के अनुसार, सतीघाट का पौराणिक महत्व रामायण काल से जुड़ा है। मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान राम और माता सीता का आगमन यहाँ हुआ था। यहाँ के पत्थरों पर आज भी उनके चरण चिह्न और हिरण वध के प्रतीक रक्त के निशान देखे जा सकते हैं। भैवनी नदी और 31 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा इस स्थान की दिव्यता को और बढ़ाते हैं। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मेसर्स रघुवर प्रसाद प्रेमचंद गुप्ता, जय भोले ट्रेडर्स, बसंत ट्रेडर्स सहित समस्त नगरवासियों और आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा।

*40 साल से प्रज्वलित घुनी के दर्शन मात्र से सभी प्रकार के कष्ट होते है दूर*

मंदिर के पुजारी व घुनी को प्रज्वलित करने वाले सुदामा महराज जी ने बताया कि यहाँ गुप्तेश्वर महादेव के स्थापना के बाद भी लोगो के कष्ट को दूर करने के लिए घुनी जलाई गई थी जो आज भी प्रज्वलित है जो भी भक्त इसके दर्शन करता है उसके सारे कष्ट दूर हो जाते है यहा काफी दूर दूर लोग दर्शन करने आते है ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.