Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
यूपी पुलिस पर भड़के सुप्रीम कोर्ट के जज! नोएडा हेट क्राइम केस में धाराएं हटाने पर पूछा— 'IO कोर्ट के... Headline: Arvind Kejriwal News: अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की याचिका, दिल्ली हाई कोर्... Operation Dev: 4 राज्यों में फैला जाल और 8 बच्चों का सौदा; गुजरात पुलिस ने 'मुरुगन' को कैसे दबोचा? ज... Bihar News: बिहार में राजस्व कर्मचारियों का सस्पेंशन रद्द, CM सम्राट चौधरी ने पलटा विजय सिन्हा का फै... Lucknow KGMU: लखनऊ केजीएमयू में 12वीं पास बना फर्जी डॉक्टर, एमबीबीएस की फर्जी डिग्री के साथ डॉ. हसम ... Prayagraj Junction News: प्रयागराज जंक्शन की 'संगमरमर मस्जिद' को रेलवे ने थमाया नोटिस, 27 अप्रैल तक ... Bihar Transport News: बिहार में कॉमर्शियल बाइक के लिए अब सिर्फ ₹1150 में मिलेगा 5 साल का परमिट, घर ब... ढाई साल तक एडल्ट जेल में क्यों रहा नाबालिग?" सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को लगाई फटकार, पीड़ित को 5 ... West Bengal Politics: बंगाल में कैसा रहेगा कांग्रेस का प्रदर्शन? सचिन पायलट ने किया जीत का दावा, BJP... Pahalgam Tragedy: पहलगाम में जान गंवाने वाले IB अधिकारी के परिवार का छलका दर्द, बोले- "बोझ बन गई है ...

Latehar News: लातेहार में आदिवासी धरोहरों के संरक्षण के नाम पर ‘लूट’! जनजातीय विरासत बचाने के फंड में बड़ी धांधली का आरोप

लातेहार: आदिवासियों के पारंपरिक स्थल और धरोहरों को संरक्षित करने के नाम पर लातेहार जिले में जो विकास योजनाएं चलाई जा रही हैं, वह मजाक बनकर रह गई हैं. योजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता का कोई ख्याल रखा नहीं जा रहा है. विभिन्न पारंपरिक स्थलों और धरोहरों को संरक्षित करने के लिए जो चहारदीवारी निर्माण का कार्य किया जा रहा है उसकी गुणवत्ता को देखकर आम लोग भी सिर पीट ले रहे हैं. ग्रामीणों की शिकायत पर जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव कार्य की गुणवत्ता की जांच करने पहुंचे.

आरागुंडी पंचायत में चल रहा निर्माण कार्य

दरअसल, आदिवासी समाज के पारंपरिक स्थलों और धरोहरों को सुरक्षित करने के लिए कल्याण विभाग के माध्यम से चहारदीवारी निर्माण और पीसीसी सड़क निर्माण आदि योजनाएं संचालित की जा रही हैं. लाखों रुपये की लागत से लातेहार सदर प्रखंड की आरागुंडी पंचायत अंतर्गत पांडुका गांव में मसना स्थल की बाउंड्री कराई जा रही है. वहीं इसी पंचायत के डॉटम गांव अंतर्गत पतरातू में मंडप स्थल की बाउंड्री, पीसीसी पथ और मंडप का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन दोनों स्थलों पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

बाउंड्री निर्माण में जो ईंट का उपयोग किया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता ऐसी है कि जब लोग हाथ में उठाकर ईंट को दबा रहे हैं तो वह मिट्टी की तरह भरभरा कर टूट जा रहा है. जो पीसीसी सड़क निर्माण कराई जा रही है उसका तय मानक 6 इंच रखना था, लेकिन वास्तविक मोटाई एक से डेढ़ इंच ही है.

शिकायत पर जांच करने पहुंचे जिला परिषद सदस्य

इधर, ग्रामीणों के द्वारा बाउंड्री निर्माण और पीसीसी निर्माण में प्राक्कलन की धज्जियां उड़ाई जाने की शिकायत जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव से की गई थी. शिकायत मिलने के बाद जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव योजनाओं का निरीक्षण करने स्थल पर पहुंचे. निरीक्षण के क्रम में जिला परिषद सदस्य ने पाया कि ग्रामीणों के द्वारा जो भी शिकायत की गई है वह पूरी तरह सत्य है.

निम्न क्वालिटी के मेटेरियल का इस्तेमाल

जांच के बाद जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव ने बताया कि बाउंड्री निर्माण में अत्यंत निम्न क्वालिटी की ईंट का प्रयोग किया जा रहा है. स्थिति ऐसी है कि हाथ से दबाने पर ही ईंट मिट्टी की तरह भरभरा जा रहे हैं. वहीं जो सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है उसकी गुणवत्ता भी प्राक्कलन के विपरीत है. वहीं पीसीसी पथ को कम से कम 6 इंच मोटा करना था, परंतु यहां एक से डेढ़ इंच ही ढलाई की जा रही है. पीसीसी सड़क को ईंट से सोलिंग कर ढलाई करना था, लेकिन यहां सोलिंग में भी अत्यंत घटिया क्वालिटी की ईंट का प्रयोग किया जा रहा है.

जिला परिषद सदस्य ने बताया कि इसकी शिकायत विभाग के अभियंताओं से की जाएगी. यदि कार्य में सुधार नहीं हुआ तो फिर आंदोलन का रुख किया जाएगा. वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड संगठन सचिव सुदेश्वर उरांव ने भी कहा कि यह पूरी तरह आदिवासियों के नाम पर लूटने का कार्य हो रहा है. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में जो सामग्री लगाई जा रही है उसकी गुणवत्ता कहीं से भी प्राक्कलन के अनुसार नहीं है.

मामले में होगी कार्रवाईः जई

इस, संबंध में जब विभाग के प्रभारी कार्यपालक अभियंता प्रदीप सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि मामले को देख लेते हैं. वहीं इस संबंध में जब जूनियर इंजीनियर रोशन कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. किसी भी सूरत में प्राक्कलन के विपरीत काम नहीं होने दिया जाएगा. जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.