Caste Census Demand: जातिगत जनगणना के लिए ओबीसी महासभा का हल्लाबोल, ऊंचडीह रेलवे स्टेशन के पास धरना प्रदर्शन
सूरजपुर: जातिगत जनगणना की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने मोर्चा खोल दिया है. महासभा के सैंकड़ों कार्यकर्ता ऊंचडीह रेलवे स्टेशन पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन का सांकेतिक घेराव करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा.
जातिगत जनगणना के फॉर्मेट में ओबीसी का कॉलम रखने की मांग
ओबीसी महासभा का आरोप है कि सरकार द्वारा वर्ष 2027 की जनगणना के लिए जारी अधिसूचना के प्रारूप में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए तो कॉलम निर्धारित किया गया है, लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए कोई अलग कॉलम नहीं रखा गया है. महासभा का कहना है कि इससे देश की एक बड़ी आबादी जातिगत आधार पर जनगणना में शामिल होने से वंचित रह जाए.
हमारी मांग है कि जनगणना के प्रारूम में अलग से हमारा कॉलम होना चाहिए, हमारी गिनती होनी चाहिए- नरेश राजवाड़े, प्रदर्शनकारी
पिछले साल संसद में पीएम मोदी ने घोषणा की थी कि आने वाली जनगणना में जातिगत जनगणना होगी लेकिन ओबीसी का कॉलम नहीं है. हम चाहते हैं कि सरकार अपनी बातों पर अमल करे –पारस राजवाड़े, पूर्व विधायक व संसदीय सचिव
ओबीसी महासभा की मांग
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि जनगणना के सॉफ्टवेयर और प्रारूप में ओबीसी वर्ग के लिए भी अलग कॉलम निर्धारित किया जाए, ताकि सही आंकड़े सामने आ सकें. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो आने वाले समय में वे आंदोलन को और उग्र करते हुए दिल्ली में लोकसभा और प्रधानमंत्री निवास का भी घेराव करेंगे.
हमारी प्रमुख मांग है कि भारत में ओबीसी की आधे से ज्यादा आबादी है. 27 प्रतिशत आरक्षण पास है लेकिन हमें सिर्फ 14 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है. सरकार को दूसरा गजट नोटिफिकेशन लाना पड़ेगा. जरूरत पड़ने पर लोकसभा और प्रधानमंत्री निवास का भी घेराव करेंगे -लक्ष्मी गुप्ता
वहीं, मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा.
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा घेरा
ओबीसी महासभा के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. रेलवे स्टेशन पर द्वितीय लेयर का सुरक्षा घेरा बनाया गया, जिसमें पुलिस विभाग के अधिकारी और जवानों को तैनात किया गया. इसके अलावा रेलवे की ओर से रेलवे पुलिस बल भी मुस्तैद रहा, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.