IPL 2026 TRP Drop: आईपीएल 2026 की टीआरपी में 19% की भारी गिरावट; ना दर्शक मिल रहे ना विज्ञापनदाता, जानें क्या है असली वजह
IPL 2026 ने अपना आधे से ज्यादा सफर तय कर लिया है. लेकिन, उसके बाद जो हकीकत सामने आई है वो इस लीग के इमेज से मेल नहीं खा रही है. IPL को रोचक और रोमांचक माना जाता है. लेकिन, जब ऐसा है तो फिर TRP कहां है? IPL 2026 की TRP में भयंकर गिरावट दर्ज की गई है. वैसे सवाल सिर्फ टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स का ही नहीं है बल्कि इस लीग के दर्शकों तक पहुंचने और एडवरटाइजर्स को अपने तक खींच लाने की क्षमता का है. दोनों में ही इस सीजन जबरदस्त नाकामी दर्ज की गई है.
IPL 2026 की TRP कितनी हुई कम?
सबसे पहले बात करते हैं TRP यानी टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स की, जो कि TAM Sports और BARC India का डाटा बताया जा रहा है. उसके मुताबिक IPL 2026 की TRP में 18.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. IPL 2026 की TRP 4.57 से गिरकर 3.71 तक आ पहुंची है.
IPL 2026 के औसत व्यूअरशिप यानी दर्शकों की संख्या में भी 26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं इसकी कुल पहुंच में 8.3 प्रतिशत तक कमी आई है, जो 12.40 करोड़ से घटकर 11.36 करोड़ तक हो गई है.
IPL 2026 से एडवरटाइजर्स का भी मोहभंग
IPL 2026 से मोहभंग सिर्फ दर्शकों का ही नहीं हुआ है बल्कि एडवरटाइजर्स को भी इसमें अब वैसी दिलचस्पी नजर नहीं आ रही. IPL 2026 के एडवरटाइजर्स में 31 प्रतिशत की गिरावट आई है. पहले जहां एडवरटाइजर्स की संख्या 65 से अधिक थी उनकी संख्या अब बस 45 प्लस की रह गई है. IPL 2026 के साथ सिर्फ 24 नए ब्रांड ही जुड़े हैं, जबकि 44 ब्रांड वो हैं जो पहले से बने हैं.
इतने बुरे हाल की वजह क्या है?
अब सवाल है कि TRP, दर्शक और एडवरटाइजर्स की संख्या में आई गिरावट की वजह क्या है? सोशल मीडिया पर इसके कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें इस लीग के फॉर्मेट का लंबा होना, फ्लैट पिचों पर मुकाबले का खेला जाना और फैंटेसी एप का बैन होना आदि शामिल है.
फॉर्मेट लंबा होने से टूर्नामेंट उबाऊ होता दिख रहा है. फ्लैट पिचों पर मुकाबले होने से रन तो बरसते हैं मगर फिर गेंद और बल्ले के बीच बराबरी का मुकाबला ना रह जाने से रोमांच पर उसका असर पड़ता है. वहीं फैंटेसी एप के बैन होने से IPL के प्रति लोगों के रूझान में कमी आई है. इसके अलावा हाल के समय में दर्शकों के IPL देखने की आदत में आया बदलाव भी TRP के गिरने की एक बड़ी वजह है. ज्यादा दर्शक अब उन्हीं टीमों के मुकाबले देखते हैं, जिसे वो सपोर्ट करते हैं. साफ है कि किसी एक वजह को IPL 2026 की लोकप्रियता में आई गिरावट के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
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