Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Haryana Politics: 'धमकी देने वाले 24 घंटे में होते हैं जेल के अंदर', दीपेंद्र हुड्डा के बयान पर शिक्... Kurukshetra News: धर्मनगरी में 'राम भरोसे' सुरक्षा; नगर परिषद में 4 साल से एक्सपायर पड़े हैं अग्निशमन... Haryana High Court: दुष्यंत चौटाला मामले में हाईकोर्ट सख्त, हिसार SP की दलीलों पर उठाए सवाल; पुलिस क... Kaithal Road Accident: कैथल में दर्दनाक सड़क हादसा; दूध लेकर घर लौट रहे किशोर की मौत, परिवार में मचा... Haryana Police Update: DGP के सुरक्षाकर्मी की इलाज के दौरान मौत; सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल में था... Charkhi Dadri Crime: ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर महिला पंच ने दी जान; पति और सास समेत 4 पर ... Indri News: इंद्री के सरकारी स्कूल में शिक्षकों और हेडमास्टर के बीच तकरार; गेस्ट टीचरों ने लगाया प्र... Haryana Politics: नगर निगम चुनाव से तय होगी प्रदेश की सियासी दिशा; भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बड़ा बयान Hazaribagh Crime: हजारीबाग में ज्वेलरी दुकानदार से बड़ी लूट; बाइक की डिक्की से 25 लाख के गहने लेकर फ... Excise Constable Exam: उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी गिरफ्तारी; बंगाल का सरकारी क्लर...

India-Pakistan Border: ऑपरेशन सिंदूर का खौफ! जवाबी कार्रवाई तक नहीं कर पाया इस्लामाबाद, भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत

आज से ठीक एक साल पहले भारतीय सेना ने गौरव और साहस की वो कहानी लिखी थी, जिसे सदियों तक पढ़ा जाता रहेगा. 6-7 मई 2025 की उस ऐतिहासिक रात को, जब पूरा देश पहलगाम के आतंकी हमले के दुख को भूल नहीं पा रहा था. तब भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में ऑपरेशन सिंदूर लांच कर पहलगाम में पत्नियों के उज़ड़े सिंदूर का बदला ले लिया था.

इस हमले के बाद पाकिस्तान ने 10 मई तक जवाबी कार्रवाई करने की हिमाकतें की, लेकिन भारत के सामने वह कुछ नहीं कर पाया. भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन से भारत की ताकत तो दुनिया को दिखाई ही, साथ ही भारत ऐसा पहला देश बन गया. जिसने एक परमाणु संपन्न देश पर हमला किया और वह भारत का बाल भी बाका नहीं कर पाया.

ज्यादातर युद्धों में नुकसान कभी भी एक जगह तक सीमित नहीं रहता. यह सीमाओं, अर्थव्यवस्थाओं और आम लोगों की जिदगी तक फैल जाता है. दोनों पक्षों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने इस चलन को तोड़ दिया. भारत ने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ढांचे को गंभीर और सटीक निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया, जबकि अपने देश में उसे लगभग न के बराबर नुकसान हुआ. पाकिस्तान की मिसाइलों से कोई नुकसान नहीं हुआ, न ही कोई क्षेत्रीय अस्थिरता फैली और न ही अर्थव्यवस्था को कोई लंबे समय तक चलने वाला झटका लगा.

भारतीय सेना ने मचाई थी भारी तबाही

जहां एक तरफ भारी तबाही मची, वहीं दूसरी तरफ नुकसान पूरी तरह से नियंत्रित रहा. जिसके पीछे सोची-समझी योजना, बेहतरीन तकनीक और सटीक अमल का नतीजा था. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के चीन से मिले एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा दिया और उन्हें जाम कर दिया. राफेल जेट, SCALP मिसाइलों और HAMMER बमों का इस्तेमाल करते हुए, वायुसेना ने सिर्फ़ 23 मिनट में अपना मिशन पूरा कर लिया, जिससे भारत की तकनीकी बढ़त साबित हो गई.

10 मई को कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने अपने अभियान का दायरा और बढ़ा दिया. उसने पाकिस्तान के 11 अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें नूर खान एयरबेस, रफीकी एयरबेस, मुरीद एयरबेस, सुक्कुर एयरबेस, सियालकोट एयरबेस, पसरूर एयरबेस, चुनियां एयरबेस, सरगोधा एयरबेस, स्कार्दू एयरबेस, भोलारी एयरबेस और जैकोबाबाद एयरबेस शामिल थे. इस कार्रवाई से पाकिस्तान की हवाई और ऑपरेशनल क्षमताएं बुरी तरह कमजोर पड़ गईं.

पाकिस्तान को ऐसे घुटनों पर लाया भारत

भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन में भारत के सबसे भरोसेमंद हथियार इस्तेमाल किए. रफाल, सुखोई-30, ब्रह्मोस, S-400 और स्वदेशी हथियारों की ताकत से यह अभियान 1971 के बाद सबसे बड़े और सटीक सैन्य अभियान के रूप में जाना जाएगा. इसका मकसद सिर्फ बदला नहीं, बल्कि आतंकवाद की जड़ों को कुचलना और पाकिस्तान को साफ संदेश देना था, “अब हर हमले का जवाब मिलेगा.” 4 दिन तक चले इस संघर्ष में 12 मई को सीजफायर हुआ, जिसका ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.