Suvendu Adhikari PA Case: सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या के 10 घंटे बीते; अब तक के 5 बड़े खुलासे और पुलिस की कार्रवाई
पश्चिम बंगाल में भले ही चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हो गया हो, लेकिन चुनाव बाद हिंसा लगातार जारी है. 4 मई के बाद राज्य में हिंसा 400 से अधिक घटनाएं सामने आईं तो कई लोगों की हत्या भी कर दी गई. बीजेपी और टीएमसी के बीच हिंसा और मर्डर को लेकर जारी आरोप- प्रत्यारोप के बीच कल बुधवार देर रात एक हत्या ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी. BJP नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और उनके PA चंद्रनाथ रथ की उत्तरी 24 परगना में गोली मारकर हत्या कर दी गई. सरकार बनाने जा रही बीजेपी की ओर से इसे “टारगेट किलिंग” करार दिया गया तो वहीं टीएमसी ने हत्या की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है.
चंद्रनाथ के शव को बारासात अस्पताल लाया गया है, जहां थोड़ी देर में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा. पोस्टमार्टम के लिए 3 डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है. सूत्रों की माने ने तो सुवेंदु भी पोस्टमार्टम के वक्त मौजूद रहेंगे. पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को परिजनों को सौंपा जाएगा.
बताया जा रहा है कि जिले के मध्यमग्राम के डोलतला के पास बाइक पर सवार कुछ हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ को रोक लिया. हमलावर काफी देर से उनकी गाड़ी का पीछा कर रहे थे. फिर उन्होंने गाड़ी को जबरन रुकवाया, और उन पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी, और फिर मौके से फरार हो गए. सूत्रों का कहना है कि चंद्रनाथ को मारने के लिए विदेशी पिस्टल का इस्तेमाल किया गया. शुरुआती जांच में संभावना जताई जा रही है कि ऑस्ट्रियन ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था.
छोटी कार ने रोका, बाइक सवार ने की फायरिंग
जबकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वह जिस गाड़ी में सवार थे, उसे सबसे पहले दोहरिया जंक्शन के पास एक छोटी कार ने रोका. इसके बाद बाइक सवार आरोपी SUV के पास पहुंचा और बेहद करीब से उन पर फायरिंग शुरू कर दी. फायरिंग के बाद कार में सवार लोग अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए. चंद्रनाथ, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) के तौर पर काम करते थे, हमले के वक्त वह मध्यमग्राम स्थित अपने आवास लौट रहे थे.
सियासी गलियारों में मचा हड़कंप
विधानसभा चुनावों के परिणामों के ऐलान के 48 घंटे के अंदर हुई इस हत्या से बंगाल के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया. इस हत्याकांड पर BJP और TMC एक-दूसरे पर पलटवार कर रहे हैं. कल बुधवार रात 10:10 बजे चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में दाखिल हुई, इसी बीच 10.15 बजे बाइक पर सवार हमलावरों ने राय पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. फायरिंग के बाद बाइक सवार वहां से फरार हो गए.
ताबड़तोड़ फायरिंग की वजह से स्कॉर्पियो के अंदर चंद्रनाथ राय बुरी तरह से जख्मी हो गए थे और उनके ड्राइवर भी खून से लथपथ पड़े हुए थे. गंभीर रूप में घायल दोनों लोगों को रात 10:40 बजे अस्पताल ले जाया गया, जहां चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया गया. ड्राइवर का इलाज जारी है. हत्या की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता रात 11 बजे अस्पताल के बाहर पहुंच गए और वहां हंगामा किया.
ड्राइवर की हालत भी गंभीर
अस्पताल के एक डॉक्टर का कहना है, “चंद्रनाथ को मृत अवस्था में ही यहां लाया गया था. उनके सीने पर गोली के 2 घाव थे, जिससे उनकी स्थिति काफी गंभीर हो गई थी, जबकि एक अन्य गोली उनके पेट के हिस्से में लगी थी.” उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेर को भी हमले के दौरान गोली लगी थी. उसकी हालत भी गंभीर है और उसे कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
क्या बोले सुवेंदु अधिकारी?
करीबी साथी की हत्या को BJP नेताओं ने ‘टॉरगेट किलिंग’ करार दिया. सुवेंदु अधिकारी ने इस हत्या को “दिल दहला देने वाली” बताया और आरोप लगाया कि हमलावरों ने हमला करने से पहले रेकी की थी. उन्होंने कहा, “यह निर्मम हत्या है. हालांकि DGP ने भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले की जांच करेंगे. हालांकि जिस तरह से हमला किया गया, उससे साफ पता चलता है कि हमलावरों ने पहले से रेकी की थी.”
हालांकि, सुवेंदु ने हमले के पीछे किसी भी संगठन का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कानून अपने हाथ में न लें. उन्होंने कहा, “हम अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहते, क्योंकि पुलिस मामले की जांच कर रही है.” BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी इस हत्या को राज्य में “राजनीति के पूरी तरह से अपराधीकरण” का सबूत बताया.
चुनाव में 15 साल बाद सत्ता गंवाने वाली ममता बनर्जी की TMC ने इस हत्याकांड की निंदा की और कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की. अपने एक बयान में, TMC ने आरोप लगाया कि पिछले 3 दिनों में चुनाव के बाद हुई हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में हमारे 3 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है. कहा जा रहा है कि यह हिंसा “BJP-समर्थित बदमाशों” द्वारा की गई. पार्टी ने आगे कहा, “हम मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हैं.”
DGP ने घटना पर क्या कहा?
हत्याकांड पर DGP सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस बरामद कर लिए हैं और उस छोटी कार को भी जब्त कर लिया है जिसका कथित तौर पर हमले के दौरान इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने बताया, “गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर सिलीगुड़ी रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस का लग रहा है, लेकिन ऐसा लगता है कि नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई है.”
इस बीच पुलिस सूत्रों का कहना है कि फोरेंसिक टीमों ने कार से सैंपल ले लिए हैं, जबकि जांच करने वाली टीम घटनाओं के क्रम को समझने और हमलावरों की पहचान करने के लिए आस-पास के इलाकों से CCTV फुटेज खंगाल रही है.
सूत्रों के मुताबिक जिस कार का इस्तेमाल किया गया उसे पेंट किया गया था. उस पर एक अलग नंबर प्लेट लगाया गया. सूत्रों की मानें तो उस नंबर प्लेट का मालिक विलियम जोसफ है. लेकिन जोसफ का दावा है कि उसे इस बारे में कुछ पता नहीं है कि किसने उसकी गाड़ी का नंबर यूज किया है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि बाइक सवारों ने हेलमेट लगा रखी थी इस वजह से उनकी पहचान नहीं हो पाई है.
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