Allahabad High Court: सपा सांसद रामजीलाल सुमन को बड़ा झटका; सुरक्षा की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राणा सांगा पर विवादित बयानबाजी को लेकर चर्चा में आए समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन और उनके बेटे पूर्व विधायक रंजीत सुमन की याचिका को खारिज कर दिया है. दोनों ने आगरा स्थित अपने घर पर 26 मार्च 2025 को हुए हमले की जांच और सुरक्षा की गुहार लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस मामले में रंजीत सुमन ने आगरा के हरिपर्वत थाने में अज्ञात भीड़ के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी.
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की डबल बेंच ने कहा कि सांसद कानून के तहत उपलब्ध अन्य उपायों का लाभ उठा सकते हैं. कोर्ट ने मामले में चार्जशीट दाखिल होने के आधार पर याचिका को खारिज कर दिया है. बता दें रामजी लाल सुमन ने जब राणा सांगा पर विवादित बयान दिया था, तो उसके बाद विवाद शुरू हो गया था. इसके बाद हिंदू संगठनों ने उनके आगरा स्थित घर पर हमला कर दिया था. इस मामले के तूल पकड़ने के बाद रामजी लाल सुमन और उनके बेटे हाईकोर्ट पहुंचे थे.
हाईकोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की?
रामजीलाल सुमन की याचिका पर हाईकोर्ट ने पाया कि मामले में चार्जशीट पहले ही जमा हो चुकी है और क्योंकि रिट याचिका में FIR को चुनौती दी गई है इसीलिए इस आधार पर कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए इसे रिकॉर्ड में भेज दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि याचिकाकर्ता कानून के तहत मौजूदा उपाय का लाभ उठा सकता है.
राणा सांगा पर विवादित बयानबाजी
रामजीलाल सुमन ने अपने एक बयान में कहा था कि राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को भारत बुलाया था, उन्होंने तर्क दिया कि अगर मुसलमानों को बाबर का वंशज कहा जाता है, तो हिंदुओं/राजपूतों को गद्दार राणा सांगा के वंशज क्यों नहीं कहा जाना चाहिए? इसके बाद कई हिंदूवादी संगठन भड़क गए और हंगामा करने लगे, ऐसे ही एक हंगामे में रामजीलाल सुमन के घर पर भी हमला किया गया था.
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