Punjab Politics: बीजेपी कार्यालयों पर हमले को लेकर बरसे अश्विनी शर्मा; बोले— ‘डराने-धमकाने की राजनीति नहीं चलेगी’
जालंधर : पंजाब में भारतीय जनता पार्टी कार्यालयों पर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमलों और अभद्र व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए तथा पंजाब पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए अश्वनी शर्मा ने चेतावनी दी कि भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक डराने-धमकाने और पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
भाजपा पंजाब के प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी की मौजूदगी में अश्वनी शर्मा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और अपने नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
संजीव अरोड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाल ही में ईडी की कार्रवाई का जिक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि जब भी जांच एजेंसियां ‘आप’ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करती हैं, तो पार्टी तुरंत लोकतंत्र और संविधान खतरे में होने के नारे लगाने लगती है।
शर्मा ने कहा कि न तो पंजाब खतरे में है और न ही लोकतंत्र, बल्कि आम आदमी पार्टी सरकार की भ्रष्ट व्यवस्था जरूर खतरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए राज्य में अशांति और राजनीतिक टकराव का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही है।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए शर्मा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी पंजाब में भय और राजनीतिक हिंसा का वातावरण बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने ऐसी राजनीति को पहले ही नकार दिया है और वे पंजाब को अस्थिरता और अराजकता की ओर बढ़ने नहीं देंगे।
शर्मा ने आगे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंजाब ने अतीत में आतंकवाद का बहुत बड़ा दर्द झेला है और ऐसे मुद्दों का राजनीतिकरण करना राज्य की शांति और सौहार्द के लिए खतरनाक है।
उन्होंने दोहराया कि भाजपा विकास, किसानों के कल्याण, कर्जमुक्त पंजाब और नशामुक्त समाज में विश्वास रखती है। शर्मा ने आम आदमी पार्टी सरकार से अपील की कि वह राजनीतिक प्रतिशोध और प्रचार की राजनीति छोड़कर सुशासन पर ध्यान दे। अंत में अश्वनी शर्मा ने पंजाब सरकार को विपक्ष की आवाज दबाने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पंजाब और पंजाबियों से जुड़े मुद्दों को निर्भीक होकर उठाते रहेंगे।
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