गर्मी से कब मिलेगी राहत? दिल्ली-यूपी, बिहार, एमपी और राजस्थान में इस दिन होगी मानसून की पहली झमाझम बारिश!
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत में इन दिनों भीषण और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में पारा जहां 48 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है, वहीं देश की राजधानी दिल्ली में भी तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दोनों ही राज्यों में मौसम विभाग द्वारा हीटवेव (लू) का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है। इस चिलचिलाती धूप और लगातार चल रही गर्म हवाओं से परेशान लोगों को अब बेसब्री से झमाझम बारिश और राहत का इंतजार है। इस बीच मौसम प्रेमियों के लिए अच्छी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) तेजी से आगे की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार मानसून अपने सामान्य समय के आसपास ही देश के बड़े हिस्सों में दस्तक दे सकता है। केरल के तटीय इलाकों में मानसून के आगामी 26 मई के आसपास पहुंचने की प्रबल संभावना जताई गई है, जिसके बाद यह धीरे-धीरे उत्तर और मध्य भारत की ओर अपनी रफ्तार पकड़ेगा।
🌦️ दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में कब होगी मानसून की पहली बारिश?: आईएमडी ने जारी किया दोनों हिस्सों के लिए अनुमान
वर्तमान में दिल्ली में भीषण गर्मी और हीटवेव का दौर लगातार जारी है। मौसम विभाग ने आगामी 26 मई तक कड़े हीटवेव का अलर्ट जारी रखा है। बीते कल दिल्ली में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि आज इसके बढ़कर 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। राहत की बात करें तो, आईएमडी (IMD) के नवीनतम अनुमान के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में मानसून 25 से 30 जून के बीच अपनी पहली दस्तक दे सकता है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मानसून थोड़ा पहले यानी 15 से 18 जून तक सक्रिय होने की पूरी संभावना जताई गई है।
⛈️ बिहार में इस तारीख को पहुंचेगा मानसून: भारी बारिश के साथ वज्रपात और तेज आंधी की चेतावनी
पूर्वी भारत के राज्य बिहार के लिए भी मौसम विभाग ने अहम जानकारी साझा की है। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में मानसून 10 से 15 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। हालांकि, मानसून की इस शुरुआती मानसूनी बारिश के साथ ही सूबे के कई जिलों में सुरक्षा के लिहाज से बेहद तेज आंधी, आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने और कुछ हिस्सों में मूसलाधार भारी बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे किसानों को धान की बुवाई में मदद मिलेगी।
🌧️ मध्य प्रदेश और राजस्थान में मानसून के आगमन की तारीख: भोपाल-इंदौर सहित कई शहरों में जून के दूसरे हफ्ते से राहत
केंद्रीय और पश्चिमी भारत की बात करें तो, मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में मानसून के आगामी 15 से 20 जून के बीच पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। आईएमडी के अनुसार, हमेशा की तरह पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्सों में पहले मानसूनी बादल बरसेंगे, जबकि पश्चिमी हिस्सों में मानसून कुछ दिनों के अंतराल के बाद सक्रिय होगा। इसके बावजूद, राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर समेत कई बड़े शहरों में जून के दूसरे सप्ताह से ही अच्छी प्री-मानसून बारिश की उम्मीद जताई गई है।
दूसरी तरफ, मरुधरा यानी राजस्थान में मानसून आमतौर पर जून के आखिरी सप्ताह में प्रवेश करता है। इस बार भी पूर्वी राजस्थान के जिलों में 25 जून के आसपास और पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में जून के अंतिम दिनों या जुलाई की शुरुआत में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो सकता है। हालांकि, लू से परेशान राजस्थान वासियों को जून के मध्य से ही तेज प्री-मानसून बारिश का दौर देखने को मिल जाएगा।
📊 कैसा रहेगा इस बार पूरे देश में मानसून का मिजाज?: कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थितियों का अलर्ट
देश की कृषि और अर्थव्यवस्था के लिहाज से मौसम विभाग का कहना है कि इस बार देश में कुल मिलाकर मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि, अल-नीनो के बेअसर होने के बाद मानसून के सक्रिय दौर के दौरान कुछ चुनिंदा राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी पैदा हो सकते हैं। वर्तमान में केरल के कई तटीय और पहाड़ी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश (Heavy Rainfall) को लेकर आईएमडी ने पहले ही रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
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