Gaya to Bangkok Flight: बिहार सरकार का बड़ा फैसला; गया जी से बैंकॉक के लिए सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान को कैबिनेट की मंजूरी
पटना: बिहार सरकार ने राज्य में अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्कों (International Connectivity) को मजबूत करने और धार्मिक पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित हुई कैबिनेट की अहम बैठक में गया जी से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा (Direct International Flight Service) शुरू करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी हवाई सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य सरकार ने वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) नीति के तहत 10.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस कैबिनेट बैठक में विकास और शासन से जुड़े कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
✈️ नॉन-स्टॉप उड़ान सेवा के लिए इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo) का हुआ चयन: हर फ्लाइट के लिए बिहार सरकार देगी 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद
कैबिनेट बैठक के संपन्न होने के बाद मीडिया को विस्तृत जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिवालय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि गया जी और बैंकॉक के बीच नॉन-स्टॉप हवाई सेवा संचालित करने के लिए देश की प्रतिष्ठित ‘इंडिगो एयरलाइंस’ का चयन किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरुआती दौर में प्रति सप्ताह में दो दिन संचालित की जाएगी। इस रूट पर एयरलाइन कंपनी के वित्तीय नुकसान की भरपाई और प्रोत्साहन के लिए बिहार सरकार आर्थिक सहायता भी देगी। इस विशेष व्यवस्था के तहत प्रत्येक उड़ान (फ्लाइट) पर बिहार सरकार 10 लाख रुपए की योगदान राशि नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) विभाग को सौंपेगी। सरकार द्वारा यह वित्तीय सहायता शुरुआती 12 महीने (एक साल) की अवधि के लिए मंजूर की गई है।
💼 पर्यटन उद्योग में पैदा होंगे रोजगार के बंपर अवसर: गया विनिर्माण क्लस्टर में जलापूर्ति के लिए 428.08 करोड़ रुपये मंजूर
राज्य सरकार का दृढ़ता से मानना है कि इस सीधी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा के शुरू होने से थाईलैंड समेत तमाम दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (South-East Asian Countries) से आने वाले बौद्ध तीर्थयात्रियों की संख्या में बहुत बड़ा इजाफा होगा। गया और महाबोधि मंदिर (बोधगया) पहले से ही वैश्विक पटल पर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में प्रसिद्ध हैं। इस नई उड़ान सेवा से बिहार के पर्यटन, विश्व स्तरीय होटल व्यवसाय और स्थानीय परिवहन उद्योग में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होने की प्रबल उम्मीद है। इसके अलावा, गया में स्थित एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (IMC) में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 428.08 करोड़ रुपये की भारी लागत से एक विशाल जलाशय निर्माण परियोजना को भी मंजूरी दी है, ताकि औद्योगिक इकाइयों को लंबे समय तक पर्याप्त पानी मिल सके।
🏟️ कैमूर में लगेगा नया पावर प्लांट, सहरसा-औरंगाबाद और अरवल को मिली बड़े स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की सौगात
कैबिनेट बैठक में राज्य के युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कई बड़े फैसले लिए गए, जिसके तहत कैमूर में अत्याधुनिक पावर प्लांट लगाने और सहरसा में भव्य आउटडोर स्टेडियम बनाने की मंजूरी दी गई। सहरसा के सलखुआ में आउटडोर स्टेडियम निर्माण के लिए 6.61 एकड़ सरकारी जमीन खेल विभाग को आवंटित की जाएगी। साथ ही, कैमूर की ईएसई एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत विशेष वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, अरवल में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए 6.81 एकड़ जमीन और औरंगाबाद के ऐतिहासिक देव क्षेत्र में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए 13.09 एकड़ जमीन खेल विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है।
🏥 ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे के लिए 747.97 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि स्वीकृत: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का होगा कायाकल्प
स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदूर ग्रामीण इलाकों में मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा बजटीय फैसला लिया है। ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त स्वास्थ्य अनुदान राशि के तहत बिहार आकस्मिकता कोष (Bihar Contingency Fund) से 747.97 करोड़ रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी गई है। इस विशाल धनराशि का सीधा उपयोग ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने, सुदूर पंचायतों में नए उप-स्वास्थ्य केंद्र बनाने और पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) को आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर’ के रूप में विकसित करने पर किया जाएगा।
👮 नेपाल सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए बनेगा आईजी (Border) का नया पद: यंग प्रोफेशनल नीति-2026 पर भी लगी मुहर
राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती निगरानी के लिहाज से कैबिनेट ने नेपाल सीमा पर सुरक्षा और खुफिया तंत्र को अभेद्य बनाने के लिए विशेष शाखा (Special Branch) के तहत ‘इन्स्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस’ यानी आईजी (Border) का एक नया और शक्तिशाली पद सृजित करने का दूरगामी फैसला लिया है। इसके साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्थानीय निकायों के लिए धनराशि जारी करने को भी मंजूरी दी गई। युवाओं को सरकार के साथ जोड़ने के लिए ‘यंग प्रोफेशनल नीति-2026’ लागू करने पर भी कैबिनेट ने अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए बिहार पुलिस की विशेष विंग एसटीएफ (STF) में 50 अनुभवी और जांबाज पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर बनाए रखने की भी मंजूरी दी गई है।
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