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Jabalpur NCC Camp: जबलपुर IIITDM में एनसीसी कैंप के 31 बच्चे बीमार; 45°C पारे में लू लगने से मची अफरा-तफरी

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां एक एनसीसी (NCC) कैंप में शामिल होने आए 31 बच्चे अचानक बीमार हो गए हैं। ये सभी छात्र-छात्राएं जबलपुर के डुमना मार्ग स्थित ट्रिपल आईटीडीएम (IIITDM) परिसर में आयोजित कड़े एनसीसी कैंप का हिस्सा बनने के लिए आसपास के विभिन्न जिलों से आए थे। कैंप के दौरान अचानक पीड़ित बच्चों ने तेज सिर दर्द, बुखार और चक्कर आने की गंभीर शिकायत की, जिससे कैंप प्रबंधन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी प्रभावित बच्चों को देर शाम उपचार के लिए कटनी-जबलपुर मार्ग स्थित जिला अस्पताल (विक्टोरिया अस्पताल) लाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद राहत जताते हुए कहा है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और बाकी बच्चों की हालत भी स्थिर बनी हुई है।

🏥 कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सीएमएचओ से ली रिपोर्ट: सतर्कता के तौर पर सभी 31 कैडेट्स अस्पताल में एडमिट, एसडीएम भी पहुंचीं

डुमना मार्ग स्थित ट्रिपल आईटीडीएम परिसर से उपचार के लिए लाए गए सभी कैडेट्स को एहतियात के तौर पर जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती कर लिया गया है। इस घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने सीएमएचओ (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी से सीधे फोन पर चर्चा कर बीमार कैडेट्स के स्वास्थ्य की पल-पल की जानकारी ली और अस्पताल प्रबंधन को सभी के समुचित व निशुल्क उपचार के कड़े निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम रांझी मोनिका बाघमारे भी स्थिति का जायजा लेने जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती एनसीसी कैडेट्स में 15 छात्र और शेष छात्राएं शामिल हैं, जिनकी सेहत में अब तेजी से सुधार हो रहा है।

☀️ 45 डिग्री पारे के बीच शारीरिक श्रम और पानी की कमी बनी आफत: सीएमएचओ ने कहा—लू लगने से बिगड़ी तबीयत

जबलपुर में इन दिनों सूरज आग उगल रहा है और पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसी भीषण स्थिति में कैंप में आने वाले बच्चे मैदान पर कड़ा शारीरिक श्रम और परेड कर रहे थे। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बीमारी के मुख्य कारणों को स्पष्ट करते हुए बताया कि, “जिला अस्पताल में भर्ती सभी कैडेट्स उपचार के बाद अब पूरी तरह खतरे से बाहर हैं। प्राथमिक जांच में उनके भीतर पाए गए उल्टी, दस्त और तेज बुखार का मुख्य कारण सीधे तौर पर भीषण लू (Heatwave) लगना ही है।” शरीर पर तेज धूप के सीधे प्रभाव और उमस के कारण बच्चों का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया।

🥤 दूषित पानी या ‘डिहाइड्रेशन’ का शिकार हुए बच्चे: पीड़ित छात्र हर्षित रैकवार ने बयां की ग्राउंड जीरो की हकीकत

तेंदूखेड़ा से जबलपुर एनसीसी कैंप में शामिल होने आए पीड़ित छात्र हर्षित रैकवार ने अस्पताल के बेड से आपबीती बताते हुए कहा कि, “धूप में अभ्यास करने के दौरान अचानक मेरे सिर में बहुत तेज दर्द शुरू हुआ और आंखों के सामने अंधेरा छाकर चक्कर आने लगे। हालांकि, मुझे उल्टी नहीं हुई थी, लेकिन कैंप में यह समस्या पानी पीने की वजह से बनी है। या तो वहां सप्लाई किया जा रहा पानी दूषित (Contaminated) था या फिर गर्मी के अनुपात में हम सभी बच्चों ने बहुत कम पानी पिया था, जिससे शरीर अंदर से सूख गया और लोग बीमार होने लगे।”

🧪 शरीर में हो गई जरूरी मिनरल्स की भारी कमी: विक्टोरिया अस्पताल के मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. संदीप ने शुरू की थेरेपी

विक्टोरिया अस्पताल के वरिष्ठ मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. संदीप ने बच्चों के इलाज और डायग्नोसिस को लेकर तकनीकी स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि, “मैंने स्वयं लगभग 15 बच्चों का सघन स्वास्थ्य परीक्षण किया है, जिनमें से किसी ने भी प्रत्यक्ष तौर पर उल्टी और दस्त की गंभीर बात नहीं कही है। वास्तविक स्थिति यह है कि इन बच्चों को कड़कती धूप में लगातार रहने के कारण साइलेंट लू लग गई है। इसकी वजह से उनके शरीर से अत्यधिक पसीना निकला और बॉडी में जरूरी मिनरल्स (लवणों) और इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी हो गई है।” डॉक्टरों की टीम द्वारा सभी बीमार बच्चों को डिहाइड्रेशन से उबारने के लिए जरूरी दवाएं, ओआरएस (ORS) का घोल और आवश्यक ड्रिप (आईवी फ्लूइड्स) चढ़ाई जा रही है, ताकि वे जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो सकें।

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