Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Indian Army's Zorawar Tank: स्वदेशी लाइट टैंक को मिली नई ताकत, थर्मल कैमुफ्लाज से दुश्मन के रडार को ... ABVP National Meeting: भुवनेश्वर में ABVP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी शुरू; शिक्षा के भारतीयकरण पर होगी... Supreme Court News: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत बरकरार; SC ने खारिज की याचिका Char Dham Yatra 2026: चारधाम यात्रा में घोड़ों-खच्चरों के संचालन पर सख्त नियम; सरकार ने जारी की नई S... Madhepura Crime News: मधेपुरा में खौफनाक वारदात; मामूली विवाद में बहू ने पीट-पीटकर की सास की हत्या Bareilly News: शिक्षकों को भूसा इकट्ठा करने का फरमान; BEO का विवादित लेटर वायरल होने के बाद विभाग की... KGMU Lucknow: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में 6 मजारें अवैध घोषित; प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई के ... Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा; 670 कंपनियों की होगी तैनाती Saharanpur Encounter: 1 लाख का इनामी बदमाश एहसान कपूरी मुठभेड़ में ढेर; चिलकाना थाना प्रभारी की जैकेट... Rampur News: सपा नेता अब्दुल्ला आजम खान बरी; फर्जी पासपोर्ट मामले में निचली अदालत का फैसला पलटा

NEET Paper Leak Case: सुप्रीम कोर्ट सख्त; एनटीए से पूछा- आखिर पेपर लीक कैसे हुआ? जवाबदेही तय करने के निर्देश

नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि इस बेहद संवेदनशील मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष से तीखे सवाल करते हुए पूछा कि निगरानी के बावजूद पेपर लीक जैसी घटना कैसे घटी? क्या सिफारिशों में कमी थी या निगरानी हुई ही नहीं?

🛡️ “क्षमता व्यक्ति में नहीं, संस्था में होनी चाहिए”

सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने एक बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि, “हमारी अधिकांश संस्थाओं की समस्या तदर्थवाद (Ad-hocism) है। क्षमता किसी व्यक्ति में नहीं, बल्कि संस्था में होनी चाहिए।” उन्होंने यूपीएससी (UPSC) का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कभी ऐसी समस्या नहीं रही, एनटीए को यह समझना होगा। कोर्ट ने जोर दिया कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है।

📋 एनटीए का पक्ष और भविष्य की तैयारी

विशेषज्ञ समिति के प्रमुख डॉ. राधाकृष्णन ने कोर्ट को बताया कि हमने 60 सुझाव दिए थे, जिनमें से अधिकांश लागू हो चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले महीने होने वाली ‘री-नीट’ परीक्षा के लिए सभी सुरक्षा पहलुओं का ध्यान रखा गया है और उच्च स्तर पर इसकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि एनटीए को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है।

📑 सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मंत्रालय को देना होगा हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट ने एचआरडी मंत्रालय को आदेश दिया है कि वे 2 जुलाई से पहले एक हलफनामा दाखिल करें। इसमें निम्नलिखित बिंदुओं को स्पष्ट करना होगा:

  • भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया का संचालन कैसे होगा?

  • विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति और संस्थागत निरंतरता (Institutional Memory) को कैसे सुनिश्चित किया जाएगा?

  • एनटीए के पास भौतिक और बौद्धिक संसाधन कैसे उपलब्ध कराए जाएंगे?

कोर्ट ने सरकार की ओर से यह कहे जाने पर कि “प्रधानमंत्री स्वयं इस पर निगरानी रख रहे हैं”, अत्यंत चिंता व्यक्त की और इसे व्यवस्था की विफलता से जोड़कर देखा। अब सभी की निगाहें 2 जुलाई को दाखिल होने वाले हलफनामे और आगामी परीक्षाओं पर टिकी हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.