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Chitrakoot Power Crisis: जज के बंगले की बिजली कटी तो पूरे शहर में हुआ अंधेरा; चित्रकूट विवाद ने पकड़ा तूल

सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट में बिजली व्यवस्था को लेकर एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिसने सत्ता और अधिकारों के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि न्यायिक मजिस्ट्रेट रामावतार पटेल के आवास की बिजली बाधित होने पर नाराज होकर पूरे चित्रकूट नगर की बिजली सप्लाई बंद करवा दी गई। यह घटना तब और गंभीर हो गई जब इसके पीछे एक न्यायिक अधिकारी की कथित हठधर्मिता सामने आई।

⚡ ‘मेरे घर बिजली नहीं, तो किसी के घर नहीं’

मामले ने तब आग पकड़ी जब बिजली विभाग के एक ऑपरेटर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में दावा किया गया है कि न्यायिक अधिकारी के दबाव में ही पूरे शहर की सप्लाई काटी गई। स्थानीय लोगों और बिजली कर्मियों का आरोप है कि जज ने अपने गनर के साथ मिलकर विभाग के कर्मचारियों से अभद्रता की और उन पर दबाव बनाया कि यदि उनके बंगले में बिजली नहीं रहेगी, तो पूरे शहर की बत्ती गुल रहेगी।

👥 कार्यालय में भड़की जनता का धरना

चित्रकूट के निवासियों के लिए यह रात बेहद कष्टदायक रही। लगभग 19 घंटे की लंबी कटौती के बाद जब बिजली आई, तो फिर से उसे मनमाने तरीके से बंद कर दिया गया। आक्रोशित सैकड़ों लोग रजोला फीडर स्थित बिजली कार्यालय पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी और पेयजल संकट के बीच एक व्यक्ति के अहंकार की सजा पूरे शहर को भुगतनी पड़ी।

⚖️ न्याय व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। आम जनता का कहना है कि जिस अधिकारी के पास न्याय करने की जिम्मेदारी है, यदि वही कानून को हाथ में लेकर जनता को प्रताड़ित करने लगे, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे? फिलहाल नागरिकों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है।

क्या कानून के रखवालों द्वारा ऐसी मनमानी करना उचित है? आप अपनी प्रतिक्रिया नीचे साझा कर सकते हैं।

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