Rajgarh News: शादी के 15 दिन बाद ही दुल्हन हुई रफूचक्कर; 2 लाख रुपये ठगने वाले ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का पर्दाफाश
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पीपल्याखेड़ी गांव में एक युवक के साथ शादी के नाम पर हुई ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां शादी का सपना देख रहे 35 वर्षीय श्रवण राठौर को एक अंतरराज्यीय गिरोह ने अपना शिकार बनाया। लुटेरी दुल्हन महज 15 दिन साथ रहने के बाद शौच जाने के बहाने घर से फरार हो गई, जिसके बाद युवक को अपनी बर्बादी का एहसास हुआ।
🎭 कैसे बुना गया ठगी का ताना-बाना?
गांव के ही पर्वत सोंधिया नामक बिचौलिये ने श्रवण को महाराष्ट्र की एक लड़की से शादी कराने का झांसा दिया। बदले में 2 लाख रुपये की मांग की गई। 6 जनवरी 2026 को अंजनीलाल मंदिर में मुलाकात के बाद सभी लोग कोर्ट पहुंचे और 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर फर्जी कानूनी कागजात तैयार किए गए। रस्में पूरी होने के बाद प्रीति राऊत नाम की युवती श्रवण के साथ विदा होकर उसके घर चली गई।
🏃 15 दिन का दांपत्य जीवन और अचानक गायब हुई ‘दुल्हन’
श्रवण ने इसे अपनी जिंदगी की नई शुरुआत माना, लेकिन शादी के 15 दिन बाद ही प्रीति की सच्चाई सामने आ गई। एक सुबह वह शौच जाने के बहाने घर से निकली और फिर कभी वापस नहीं लौटी। जब पीड़ित ने मध्यस्थ पर्वत सोंधिया से संपर्क किया, तो उसने भी पल्ला झाड़ लिया, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।
⚖️ 6 सदस्यीय अंतरराज्यीय गिरोह पर FIR
ब्यावरा पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सदस्य शामिल हैं, जो सीधे-साधे युवकों को निशाना बनाते हैं।
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आरोपी: प्रीति राऊत (दुल्हन), माया सूर्यवंशी, शिवाजी राव, बबीता, कविता और मुख्य बिचौलिया पर्वत सिंह सोंधिया।
👮 पुलिस की सक्रियता
ब्यावरा पुलिस ने इस रैकेट को गंभीरता से लेते हुए टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस अब लुटेरी दुल्हन और उसके सहयोगियों की तलाश में विभिन्न राज्यों में दबिश दे रही है। यह मामला चेतावनी है कि शादी-ब्याह जैसे मामलों में भी पूरी जांच-पड़ताल और सतर्कता बरतना कितना आवश्यक है।
संपादकीय टिप्पणी: शादी के नाम पर हो रहे ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो भावनाओं का फायदा उठाकर लोगों को आर्थिक रूप से कंगाल कर रहे हैं। क्या आपको लगता है कि इस तरह की फर्जी शादियों को रोकने के लिए सरकार को कोई अनिवार्य ‘वेरिफिकेशन पोर्टल’ लॉन्च करना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।
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