Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
Housewife's Contribution to Economy: गृहिणियों का योगदान राष्ट्र निर्माण में कितना? जानें क्यों जरूर... Malnutrition in MP: सरकारी दावों की खुली पोल; NFHS-6 रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में कुपोषण का स्तर बढ़ा,... Madhya Pradesh Rain Alert: भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 30 जिलों में मौसम विभाग की चेतावनी; तापमान ... Madhya Pradesh Politics: नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस हुई आक्रामक; जीतू पटवारी के नेतृत्व में भ... Ujjain Somvati Amavasya: अधिक मास की सोमवती अमावस्या पर शिप्रा तट पर उमड़ा जनसैलाब, बना मिनी कुंभ जै... Kanha National Park News: कान्हा नेशनल पार्क में बाघ का हमला; फायर वॉचर की दर्दनाक मौत, मचा कोहराम Balaghat Crime News: बालाघाट में विधवा महिला की निर्मम हत्या; प्रेमी ने पिता और भाई के साथ मिलकर दिय... Sheopur Weather Update: श्योपुर में आंधी-तूफान का तांडव; 60 किमी की रफ्तार से चली हवाओं ने उड़ाए घर, ... Indian Railways News: रेलवन सुपर ऐप पर टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव, अब यात्रियों को नहीं मिलेगी ... Shivpuri News: शिवपुरी में तालाब में डूबने से दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत; गांव में पसरा मातम

Shalimar Bagh Demolition: दिल्ली के हैदरपुर में अवैध अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर; रोड नंबर-320 के चौड़ीकरण का रास्ता साफ

दिल्ली के शालीमार बाग इलाके के हैदरपुर क्षेत्र में रविवार सुबह से सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू हो गई है। मध्य-उत्तर जिला के जिलाधिकारी (DM) एस.एस. परिहार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। रोड नंबर-320 के निर्धारित ‘राइट ऑफ वे’ (Right of Way) में आने वाले अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है ताकि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाया जा सके।

🛣️ परियोजना का महत्व: यातायात और सुरक्षा

यह सड़क शालीमार बाग रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) को आउटर रिंग रोड से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण गलियारा है। वर्तमान में अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका सीधा असर एम्बुलेंस और अग्निशमन जैसे आपातकालीन वाहनों पर पड़ता है। इस परियोजना के पूरा होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ क्षेत्र के अस्पतालों और प्रशासनिक कार्यालयों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

📜 40 साल पुराना कानूनी पेंच और वैज्ञानिक सीमांकन

DM परिहार ने स्पष्ट किया कि इस भूमि का अधिग्रहण चार दशक पहले 1980 में ही पूरा हो चुका था और मुआवजा भी जमा कर दिया गया था। वर्ष 2025 में ‘टोटल स्टेशन मेथड’ (TSM) तकनीक से हुए वैज्ञानिक सीमांकन में यह सामने आया कि 30 मीटर के राइट ऑफ वे में 143 अनधिकृत पक्के निर्माण मौजूद हैं। प्रशासन ने ‘न्यूनतम हस्तक्षेप’ का सिद्धांत अपनाते हुए केवल आवश्यक 10.5 मीटर क्षेत्र को खाली कराने का निर्णय लिया है।

⚖️ न्यायिक प्रक्रिया और अंतिम आदेश

इस डिमोलिशन के खिलाफ निवासियों ने हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अदालतों ने सरकार के पक्ष को सही पाया। 29 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका खारिज कर हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा, जिससे प्रशासन को कार्रवाई का स्पष्ट आदेश प्राप्त हो गया।

🤝 मानवीय दृष्टिकोण: सहायता और पुनर्वास

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए एक विशेष सहायता पैकेज घोषित किया है:

  • आर्थिक सहायता: प्रत्येक पात्र परिवार को 3 लाख रुपये की एकमुश्त अनुग्रह राशि (Ex-gratia)।

  • अस्थायी आवास: जिन परिवारों के पास वैकल्पिक आवास नहीं है, उन्हें ‘सावदा घेवरा’ में 11 महीने तक के लिए अस्थायी आवास सुविधा प्रदान की जाएगी।

संपादकीय टिप्पणी: सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अतिक्रमण हटाना अनिवार्य होता है, लेकिन इसमें प्रभावित परिवारों का पुनर्वास भी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है। क्या आपको लगता है कि इस तरह के विस्थापन के लिए ‘एक्स-ग्रेशिया’ और अस्थायी आवास का मॉडल दिल्ली के अन्य अतिक्रमण विरोधी अभियानों में भी अपनाया जाना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.